अमेरिकी चुनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर, सेंसेक्स 368 अंक उछला और निफ्टी में भी तेजी

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार पांचवें कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने और डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के बीच घरेलू बाजार मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
बुधवार सुबह करीब 9:59 बजे बीएसई सेंसेक्स 368.91 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,287.91 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 95.91 अंक यानी 0.40 प्रतिशत चढ़कर 23,906.75 के स्तर पर पहुंच गया।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मजबूती
भारतीय शेयर बाजार में पिछले चार कारोबारी सत्रों के दौरान निफ्टी और सेंसेक्स में करीब 5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। मंगलवार को दोनों प्रमुख सूचकांक दो महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुए थे। बाजार में इस तेजी की एक बड़ी वजह कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजे भी माने जा रहे हैं।
इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारतीय बाजार में वापसी से भी शेयर बाजार को समर्थन मिला है। उपलब्ध अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में करीब 6,837 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। पिछले छह कारोबारी सत्रों में से पांच सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में पैसा लगाया है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिली राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भी भारतीय शेयर बाजार को मजबूती दी है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड वायदा करीब 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में इसकी कीमत करीब चार सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई थी।
यूक्रेन और ईरान में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों के बीच कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। ऊर्जा की कीमतों में कमी से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिल सकती है।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय बाजार मजबूत
जहां भारतीय शेयर बाजार में तेजी बनी हुई है, वहीं अन्य वैश्विक बाजारों में कमजोरी देखने को मिली। एशियाई बाजारों में करीब 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स भी हल्की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी, ऊर्जा कीमतों में नरमी और टैक्स नीतियों में संभावित बदलाव की उम्मीद से भारतीय बाजार का माहौल सकारात्मक बना रह सकता है।
हालांकि, शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।



