दिल्ली में प्रदूषण का कहर: 18 इलाकों में AQI 400 के पार, GRAP-2 के तहत सख्त पाबंदियां लागू

दिल्ली में नवंबर की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 373 दर्ज किया गया है। वहीं, 18 इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया है। पंजाबी बाग में सबसे ज्यादा 452, जहांगीरपुरी में 450 और मुंडका में 440 AQI रिकॉर्ड किया गया। लगातार बिगड़ती हवा के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण
दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई है। रोहिणी में AQI 435, डीटीयू में 434, पूसा (IITM) में 429 और आरके पुरम में 423 रहा। इसके अलावा अलीपुर में 421, आईटीओ और नरेला में 418, पटपड़गंज में 415 तथा मंदिर मार्ग और नॉर्थ कैंपस में 413 AQI दर्ज किया गया।
डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज और ओखला फेज-2 में AQI 411, बवाना में 410 और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 406 दर्ज किया गया। इन सभी इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी में बनी हुई है।
कई इलाकों में बेहद खराब श्रेणी में हवा
राजधानी के अन्य इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर बेहद खराब श्रेणी में रहा। मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम और द्वारका सेक्टर-8 में AQI 398 दर्ज किया गया। सीआरआरआई मथुरा रोड और पूसा (DPCC) में 392, जेएनयू में 391 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 390 रहा।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में AQI 384, एनआईएच नरेला में 382, एनएसयूटी जाफरपुर में 381, आया नगर में 379 और नजफगढ़ में 376 दर्ज किया गया। वहीं, चांदनी चौक में 369, नांगलोई में 360 और आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 पर AQI 358 रहा।
शादीपुर में 348, अशोक विहार में 346, एनएसआईटी द्वारका में 341, घोगा में 335 और नेहरू नगर में 334 AQI दर्ज किया गया। बदरपुर में 330, झरोदा कलां में 321 और मैदान गढ़ी में 314 रहा।
कुछ इलाकों में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति
दिल्ली के कुछ इलाकों में AQI 300 या उससे नीचे दर्ज किया गया। आनंद विहार में यह 300, कैंटोनमेंट एरिया में 299 और छावला में 296 रहा। आईएमडी लोधी रोड में AQI 294 और इग्नू मैदान गढ़ी में 257 दर्ज किया गया।
वायु गुणवत्ता के मानकों के अनुसार, 201 से 300 के बीच AQI खराब, 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 400 से अधिक होने पर गंभीर श्रेणी में माना जाता है। इस लिहाज से राजधानी के अधिकांश निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर चिंता बढ़ाने वाला है।
GRAP-2 लागू, निर्माण और खुले में आग जलाने पर रोक
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-2) लागू किया गया है। इसके तहत निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी लगाई गई है। खुले में कचरा या अन्य चीजें जलाने और धुआं फैलाने पर भी रोक है। प्रदूषण कम करने के लिए सड़कों पर स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है और पानी के टैंकर लगाए गए हैं।
वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के बिना पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा BS6 से नीचे के मानक वाली गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगाई गई है। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर वाहनों की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाली गाड़ियों के चालान काटे जा रहे हैं या उन्हें वापस भेजा जा रहा है।
डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह दी
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जरूरी न हो तो सुबह की सैर से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। घर से बाहर निकलते समय N95 मास्क का इस्तेमाल करना भी बेहतर रहेगा।



