रायगढ़ में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर 5 उद्योगों पर कार्रवाई, श्रम न्यायालय ने लगाया लाखों का जुर्माना

रायगढ़ में श्रमिकों की सुरक्षा से समझौता करने वाले उद्योगों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सुरक्षा नियमों और कारखाना अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के मामलों में श्रम न्यायालय ने जिले की पांच औद्योगिक इकाइयों पर लाखों रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।
जांच में विभिन्न फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों और कारखाना अधिनियम के नियमों के पालन में गंभीर खामियां पाई गई थीं। इसके बाद संबंधित कंपनियों के अधिभोगियों और कारखाना प्रबंधकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए। मई 2026 में इन मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने दोषियों पर जुर्माना लगाया।
मां मंगला इस्पात पर 1 लाख रुपये का जुर्माना
नटवरपुर स्थित मेसर्स मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के अधिभोगी हर्षवर्धन गर्ग को कारखाना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
गुरुश्री इंडस्ट्रीज पर भी कार्रवाई
देलारी स्थित मेसर्स गुरुश्री इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक मुकेश बंसल पर भी कारखाना अधिनियम और नियमों के उल्लंघन का मामला सिद्ध होने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
नवदुर्गा फ्यूल पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड
सराईपाली स्थित मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड के अधिभोगी एवं प्रबंधक प्रकाश बेहरा को कारखाना नियमावली के उल्लंघन के मामले में 25 हजार रुपये का अर्थदंड भरने का आदेश दिया गया।
सिंघल स्टील एंड पावर पर सबसे बड़ी कार्रवाई
तराईमाल स्थित मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड के अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्रा पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के दो मामलों में अलग-अलग 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार कंपनी से जुड़े मामलों में कुल 2 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
सावित्री राइस मिल पर भी जुर्माना
सहदेवपाली स्थित मेसर्स सावित्री राइस मिल के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक सूर्यकांत अग्रवाल पर कारखाना अधिनियम के उल्लंघन का मामला सिद्ध होने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले उद्योगों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को औद्योगिक क्षेत्र के लिए कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है, ताकि कारखानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सभी इकाइयां निर्धारित मानकों का पालन करें।

