पत्नी की हत्या के आरोपी विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत, रामानुजगंज जेल से अंबिकापुर सेंट्रल जेल लाया गया था

अंबिकापुर। पत्नी की हत्या के मामले में जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। बंदी की तबीयत बिगड़ने पर उसे रामानुजगंज जेल से अंबिकापुर सेंट्रल जेल लाया गया था, जहां से गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
तबीयत बिगड़ने पर किया गया था शिफ्ट
मृतक की पहचान विफना कोरवा (40 वर्ष) के रूप में हुई है। वह बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पेंडारडीह का रहने वाला था। 20 जुलाई को उसकी तबीयत खराब होने पर उसे रामानुजगंज जेल से अंबिकापुर सेंट्रल जेल भेजा गया। हालत ज्यादा गंभीर होने पर जेल प्रबंधन ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 21 जुलाई की देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पत्नी की बेरहमी से हत्या का था आरोप
विफना कोरवा पर अपनी पत्नी पुनी बाई की हत्या का आरोप था। पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2025 को उसने कथित तौर पर पत्नी को जलती लकड़ी से दागकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई।
नाती ने दी थी घटना की जानकारी
मामले की शिकायत मृतका के पिता मखिरन कोरवा ने शंकरगढ़ थाने में दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके नाती ने आकर मां की मौत की सूचना दी। जब वे बेटी के घर पहुंचे तो उसके शरीर पर कई जगह जलने के निशान मिले। बच्चे ने बताया था कि उसके पिता ने ही जलती लकड़ी से हमला किया था।
हत्या के मामले में जेल में था बंद
शिकायत के बाद शंकरगढ़ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया था। कोर्ट के आदेश पर उसे रामानुजगंज जेल भेजा गया था, जहां वह विचाराधीन बंदी के रूप में बंद था।
मौत की वजह का इंतजार
बंदी की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और बुधवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह किस बीमारी से पीड़ित था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी।

