देश की सुरक्षा के लिए तैयार हुआ CISF का नया बैच, 200 अधिकारियों की हुई पासिंग आउट
UPSC से चयन, कठिन प्रशिक्षण के बाद CISF में शामिल हुए नए अधिकारी

हैदराबाद। देश के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा संभालने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को 200 नए अधिकारी(Officer) मिल गए हैं। हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी (नीसा) में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद 76 सहायक कमांडेंट और 124 उप निरीक्षक (पूर्व सैनिक) औपचारिक रूप से बल का हिस्सा बन गए।
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल
समारोह में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नए अधिकारियों(Officers) को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी सिर्फ संस्थानों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के भरोसे और देश की प्रगति की रक्षा करना भी उनकी अहम जिम्मेदारी है।
इस बार शामिल हुए सहायक कमांडेंट संघ लोक सेवा आयोग की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा के माध्यम से चुने गए हैं। इनमें 5 महिला अधिकारी भी शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों(Officers) को औद्योगिक सुरक्षा, हवाई अड्डा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा, शहरी अभियानों और आधुनिक हथियारों के संचालन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया गया।
कमांडेंट सुमित लाठवाल को किया “स्वॉर्ड ऑफ ऑनर” से सम्मानित
परेड के दौरान सहायक कमांडेंट सुमित लाठवाल को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित “स्वॉर्ड ऑफ ऑनर” से सम्मानित किया गया। वहीं सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए बल लगातार तकनीकी रूप से खुद को मजबूत कर रहा है।
अधिकारियों(Officers) के अनुसार सीआईएसएफ वर्तमान में देशभर के 359 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात है। इनमें हवाई अड्डे, मेट्रो नेटवर्क, परमाणु और औद्योगिक इकाइयों से लेकर कई रणनीतिक संस्थान शामिल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बल साइबर सुरक्षा, ड्रोन संचालन और विशेष कमांडो प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में भी अपनी क्षमता बढ़ा रहा है।
सीआईएसएफ ने हाल के वर्षों में साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है और बड़ी संख्या में साइबर कमांडो तैयार किए हैं। इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीय तकनीकी और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर आधुनिक सुरक्षा तकनीकों और नई चुनौतियों पर प्रशिक्षण को और मजबूत किया जा रहा है।
57 सप्ताह की कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने वाले सहायक कमांडेंट और 21 सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा करने वाले उप निरीक्षक अब देश की महत्वपूर्ण संपत्तियों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और विशेष प्रशिक्षण से लैस यह नया बैच भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

