ईरान समझौते के बाद इजराइल पर बढ़ा दबाव, अमेरिका से मिले लगातार चार बड़े झटके

ईरान-अमेरिका समझौते के बाद इजराइल की कूटनीतिक स्थिति कमजोर होती दिखाई दे रही है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पिछले 48 घंटों में अमेरिका की ओर से लगातार कई बड़े झटके लगे हैं. रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के साथ हुए समझौते में इजराइल की प्रमुख शर्तों को शामिल नहीं किया है और समझौते से जुड़े दस्तावेज भी साझा नहीं किए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इजराइल को लेकर सख्त टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के समर्थन के बिना इजराइल की स्थिति काफी कमजोर हो सकती है. ट्रंप के इस बयान को इजराइल की राजनीति और आगामी चुनावों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है.
रिपोर्टों के मुताबिक, इजराइल चाहता था कि ईरान के लंबी दूरी की मिसाइल कार्यक्रम को समझौते का हिस्सा बनाया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके अलावा खाड़ी देशों को अब्राहम समझौते में शामिल कराने की उसकी कोशिशों को भी सफलता नहीं मिली.
मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि इजराइल द्वारा समझौते से जुड़े दस्तावेजों की प्रति मांगे जाने पर अमेरिका ने उसे उपलब्ध नहीं कराया. वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात भी अभी तय नहीं हो सकी है.
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्वीर को अमेरिका की यात्रा के लिए वीजा मिलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, जिसे इजराइल के लिए एक और कूटनीतिक झटका माना जा रहा है.
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के साथ समझौते के मुद्दे पर अमेरिका और इजराइल के बीच मतभेद उभरकर सामने आए हैं. वहीं, खाड़ी देशों और तुर्की जैसे क्षेत्रीय देशों ने समझौते का समर्थन किया है, जिससे इजराइल की स्थिति अपेक्षाकृत अलग-थलग दिखाई दे रही है.

