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टेलीग्राम बैन पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला,

नई दिल्ली। नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ियों की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार द्वारा मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर 22 जून तक लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर छात्रों के बजाय असली दोषियों को बचाने का आरोप लगाया है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला “चोर को पकड़ने के बजाय पीड़ित के दरवाजे पर ताला लगाने” जैसा है। उन्होंने कहा कि देशभर के लाखों छात्र पढ़ाई, नोट्स, टेस्ट सीरीज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए टेलीग्राम का उपयोग करते हैं। ऐसे में पूरे प्लेटफॉर्म को बंद कर देना किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।

टेलीग्राम पर रोक को लेकर सियासी घमासान

राहुल गांधी ने सरकार के फैसले की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक करने वाले गिरोह सक्रिय हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, न कि उन छात्रों को परेशान किया जाना चाहिए जो शिक्षा और तैयारी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म  का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अगर इससे भी पेपर लीक नहीं रुका तो क्या अगला प्रतिबंध व्हाट्सएप पर लगाया जाएगा?

दरअसल, 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा को ध्यान में रखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने केंद्र सरकार से टेलीग्राम को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने की सिफारिश की थी। एजेंसी का कहना है कि कुछ संगठित नकल माफिया और पेपर लीक रैकेट इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल छात्रों को गुमराह करने और अवैध गतिविधियों के लिए कर रहे हैं।

NTA की सिफारिश पर 22 जून तक टेलीग्राम पर अस्थायी रोक

 सरकार के फैसले के बाद टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी ने अपनी याचिका में कहा है कि पूरे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाना अनुचित है। टेलीग्राम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता माधव खोसला ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है।

अब इस मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल टेलीग्राम पर लगी रोक और राहुल गांधी के बयान ने परीक्षा सुरक्षा, डिजिटल स्वतंत्रता और छात्रों के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

 

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