मानसून की रफ्तार थमी, देश में बारिश का संकट; कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप जारी

दिल्ली। देशभर में मानसून ( Monsoon) की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। 4 जून को केरल में प्रवेश करने के बाद मानसून 15 दिनों में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, लेकिन पिछले पांच दिनों से यह उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा के आसपास ही ठहरा हुआ है। इसके कारण देश के कई हिस्सों में बारिश की कमी बनी हुई है और लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 4 जून से 18 जून के बीच देश में सामान्य से 41 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे खराब स्थिति महाराष्ट्र और गुजरात की रही, जहां सामान्य से क्रमशः 78 और 79 प्रतिशत कम बारिश हुई। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली में फिलहाल प्री-मानसून ( Monsoon) गतिविधियां जारी हैं, जिनके तहत कहीं-कहीं आंधी और हल्की बारिश हो रही है।
बारिश की कमी के बावजूद सात राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के बांदा में देश का सर्वाधिक तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश के कई शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) के पर्याप्त रूप से सक्रिय न होने तथा अल नीनो जैसी परिस्थितियां बनने से मानसून की गति प्रभावित हुई है। इससे कुछ क्षेत्रों में लंबे समय तक सूखे और असमान वर्षा की संभावना बढ़ सकती है।
हालांकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर मानसून ( Monsoon) के आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले 4 से 5 दिनों में मानसून फिर से सक्रिय होकर देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।

