हादसे के बाद नहीं होगी देरी!
दुर्ग के ब्लैक स्पॉट पर 24 घंटे तैनात रहेगी एंबुलेंस, ‘गोल्डन आवर’ में मिलेगा इलाज

दुर्ग-दुर्ग जिले में सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए पुलिस ने एक अहम पहल शुरू की है। अब राष्ट्रीय राजमार्गों और जिले के प्रमुख दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर 24 घंटे एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सड़क हादसे के बाद सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले ‘गोल्डन आवर’ के भीतर घायल को तत्काल इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर मामलों में मौत के खतरे को कम किया जा सके।
मंगलवार को नेहरू नगर स्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) कार्यालय में यातायात पुलिस, डायल-112 और 108 एंबुलेंस सेवा के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। इस बैठक में हादसों के दौरान आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक तेज और प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई।
‘गोल्डन आवर’ पर रहेगा पूरा फोकस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ऋचा मिश्रा ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी ‘गोल्डन आवर’ सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर इस दौरान घायल को प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक समय पर पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए डायल-112 और 108 एंबुलेंस सेवा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। अब दुर्घटना की सूचना मिलते ही दोनों टीमें तुरंत सक्रिय होंगी और घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाएगा।
इन ब्लैक स्पॉट पर रहेगी त्वरित मेडिकल सुविधा
दुर्ग यातायात पुलिस ने जिले के उन स्थानों की पहचान की है, जहां सड़क दुर्घटनाएं सबसे अधिक होती हैं। इनमें एमएलटी क्रेन चौक, खुर्सीपार, बिजली ऑफिस भिलाई-3, बड़े तरिया कुम्हारी, जेके लक्ष्मी सीमेंट क्षेत्र और पंथी चौक शामिल हैं।
इन सभी ब्लैक स्पॉट पर जरूरत के मुताबिक एंबुलेंस की तैनाती और त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि हादसे के बाद मेडिकल टीम बिना देरी मौके पर पहुंच सके।
डायल-112 और 108 के बीच होगा सीधा समन्वय
बैठक में डायल-112 के संभाग प्रभारी आसिम खान, 108 एंबुलेंस सेवा के दुर्ग प्रभारी निर्मल वर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। सभी एजेंसियों ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आपसी समन्वय के साथ काम करने पर सहमति जताई।
नई व्यवस्था के तहत पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 और 108 एंबुलेंस सेवा के बीच रियल टाइम सूचना साझा की जाएगी, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी तरह की देरी न हो।
सड़क हादसों में मौतें कम करने की पहल
दुर्ग पुलिस का मानना है कि समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक तेजी से पहुंच सुनिश्चित होने पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
यह पहल न केवल घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी, बल्कि जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी अधिक प्रभावी बनाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि सड़क हादसा देखने पर तुरंत डायल-112 या 108 पर सूचना दें, ताकि घायल को जल्द से जल्द इलाज मिल सके।

