पत्नी ने पति को तीन टुकड़ो में काटा, प्रेमी के साथ मिलकर वारदात का आरोप; एक साल बाद सामने आई साजिश

मुंबई। नवी मुंबई से हत्या (Murder) का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने करीब एक साल पुरानी गुमशुदगी की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या के बाद शव के तीन टुकड़े कर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। तकनीकी जांच और पूछताछ के बाद पुलिस ने कथित साजिश का खुलासा किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला सुनीता अपने पति बलिराम सूर्यनाश कुशवाह और दो बच्चों के साथ नवी मुंबई के ऐरोली स्थित यादव नगर इलाके में रहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान घणसोली निवासी ऑटो चालक राहुल दशरथ प्रजापति से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। पुलिस का दावा है कि जब बलिराम को इस रिश्ते की जानकारी हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया, जिसके बाद कथित तौर पर दोनों ने उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
9 अगस्त 2025 को हुई बलिराम की हत्या
जांच के अनुसार, वारदात से पहले दोनों बच्चों (Murder) को दो दिनों के लिए उनकी मौसी के घर भेज दिया गया था। पुलिस का कहना है कि 9 अगस्त 2025 की रात बलिराम की हत्या की गई। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव के तीन हिस्से किए गए और उन्हें अलग-अलग बोरियों व चादर में लपेटकर ऑटो रिक्शा से ले जाकर गवली देव इलाके की झाड़ियों में फेंक दिया गया।
हत्या के बाद भी आरोपी लंबे समय तक पुलिस को गुमराह करते रहे। पुलिस के अनुसार, सुनीता ने कुछ समय बाद पुराना मकान किराए पर दे दिया और बच्चों के साथ कथित प्रेमी के घर रहने लगी। जब बलिराम का भाई कई महीनों बाद मिलने आया तो उसे बताया गया कि बलिराम घर छोड़कर चले गए हैं। शुरुआत में उसने इस बात पर विश्वास किया, लेकिन संदेह बढ़ने पर अप्रैल 2026 में रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
डिजिटल जांच पर मिला आरोपियों के खिलाफ सबूत
पुलिस ने मामले की जांच शुरू (Murder) की और परिवार, पड़ोसियों से पूछताछ के साथ तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुराने मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदल दिए थे, लेकिन डिजिटल जांच के जरिए पुलिस उन तक पहुंच गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

