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21 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट, दिल्ली-NCR में बदल सकता है मौसम का मिजाज; IMD ने जारी की चेतावनी

दिल्ली। देशभर में मानसून (MAUSAM) एक बार फिर सक्रिय हो गया है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक साथ कई मौसमी सिस्टम सक्रिय होने के कारण उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
मौसम विभाग ने करीब 21 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। कई क्षेत्रों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती परिसंचरण, पूर्वी बांग्लादेश के आसपास सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र, मध्य पाकिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक बनी ट्रफ लाइन और सक्रिय मानसून ट्रफ मिलकर मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इन सभी सिस्टम के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार

राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को मौसम(MAUSAM) में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के आसपास जाने से बचें। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।

उत्तर और मध्य भारत में बढ़ेगी बारिश की गतिविधि

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में बारिश का दौर (MAUSAM) तेज होने के संकेत हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ का खतरा

पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।

कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़कें बाधित होने का खतरा बना हुआ है।

चारधाम यात्रा और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में भी पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है। केरल और तटीय कर्नाटक में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

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