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बिहार में बढ़ी जमीन खरीद की रफ्तार, स्टांप ड्यूटी से 10 हजार करोड़ कमाने का लक्ष्य

पटना। बिहार में जमीन और संपत्ति की खरीद-बिक्री का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन से होने वाली आय में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में इस मद से 10 हजार करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने के साथ-साथ सर्किल रेट और स्टांप शुल्क में भी बढ़ोतरी कर चुकी है।

दो साल में आय में बड़ी बढ़ोतरी का अनुमान

सरकार ने 2026-27 के बजट में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान 8,250 करोड़ रुपये से करीब 21 प्रतिशत अधिक है। वहीं, 2024-25 में इस मद से सरकार को 7,976 करोड़ रुपये की वास्तविक आय हुई थी।

अनुमान से ज्यादा हुआ राजस्व संग्रह

वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार ने स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन से 7,500 करोड़ रुपये जुटाने का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक संग्रह 7,976 करोड़ रुपये रहा। यानी सरकार को अनुमान से 476 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त हुआ।

भूमि राजस्व बढ़ाने पर भी जोर

सरकार सिर्फ स्टांप ड्यूटी ही नहीं, बल्कि भूमि राजस्व बढ़ाने पर भी काम कर रही है। 2026-27 में भूमि राजस्व से 800 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 2025-26 का संशोधित अनुमान 700 करोड़ रुपये है। 2024-25 में इस मद से 571 करोड़ रुपये की आय हुई थी।

अगस्त से होगी पूरी तरह डिजिटल रजिस्ट्री

राज्य सरकार अगस्त से जमीन, फ्लैट और अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्री को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल बनाने जा रही है। इसकी शुरुआत 11 जुलाई को हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय से हो चुकी है। पहले चरण में 10 रजिस्ट्री कार्यालयों को डिजिटल बनाया जाएगा, जबकि 18 जुलाई से नौ अन्य कार्यालय भी इस व्यवस्था से जुड़ेंगे। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।

सर्किल रेट और स्टांप शुल्क में बढ़ोतरी

सरकार ने शहरी क्षेत्रों में जमीन के सर्किल रेट में 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। वहीं ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में इसे 1.6 गुना तक बढ़ाया गया है। इसके अलावा स्टांप शुल्क 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन शुल्क पहले की तरह 2 प्रतिशत रहेगा।

राजस्व बढ़ाने की रणनीति

सरकार का मानना है कि डिजिटल रजिस्ट्री, बढ़े हुए सर्किल रेट और स्टांप शुल्क से राजस्व में वृद्धि होगी। साथ ही निवेश को बढ़ावा देने, पंचायत स्तर पर कर संग्रह मजबूत करने और भूमि से जुड़े राजस्व स्रोतों को विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार की रणनीति लोगों को बेहतर सुविधा देने के साथ-साथ राज्य के राजस्व को मजबूत करना है।

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