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मानसून सत्र से पहले बदला सियासी गणित: लोकसभा में NDA की ताकत 320 के पार पहुंचने के संकेत

दिल्ली। संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) से पहले लोकसभा का राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलता नजर आ रहा है। विपक्षी दलों में जारी अंदरूनी खींचतान का फायदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मिलता दिख रहा है।

राजनीतिक घटनाक्रम के बाद लोकसभा में एनडीए की प्रभावी संख्या 320 से अधिक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। बजट सत्र के दौरान गठबंधन के पास करीब 295 सांसदों का समर्थन था।

सबसे बड़ा बदलाव शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह बागी सांसदों को लेकर हुआ है। लोकसभा (Monsoon Session) अध्यक्ष ओम बिरला ने इन सांसदों को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की मान्यता दे दी है। इसके साथ ही उद्धव गुट को बड़ा झटका लगा है।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को भी लोकसभा में एनडीए के साथ अलग सीटें आवंटित की गई हैं।

हालांकि, उनके नए दल को अभी औपचारिक मान्यता नहीं मिली है, लेकिन संसद में उनकी अलग पहचान और बैठने की व्यवस्था को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि ये सांसद सदन में अहम मुद्दों पर एनडीए का समर्थन कर सकते हैं।

इस बीच टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से सर्वदलीय बैठक के लिए भेजे गए पत्र ने भी सियासी हलचल बढ़ा दी है।

वहीं टीएमसी ने पूरे घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया है।

उधर, उद्धव ठाकरे गुट ने छह सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने संसदीय दल के दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन के आधार पर उनके शिंदे गुट में विलय को मान्यता दे दी।

मानसून सत्र (Monsoon Session) सोमवार से शुरू हो रहा है। ऐसे में बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच सदन में सरकार की स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत नजर आ रही है, जबकि विपक्ष के सामने एकजुटता बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।

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