PM मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट ऐलान पर CJP का हमला, कहा- ‘टूटी हड्डी पर बैंड-एड’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन

नई दिल्ली। पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि यह फैसला समस्या का समाधान नहीं, बल्कि लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है। CJP ने साफ किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि पेपर लीक की समस्या सिर्फ अदालतों की नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था की विफलता है। उनका आरोप है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाने में असफल रहे हैं, इसलिए सबसे पहले उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
रंका ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा “टूटी हुई हड्डी पर बैंड-एड लगाने” जैसी है। उनके मुताबिक, जब तक परीक्षा प्रणाली की खामियां दूर नहीं होंगी, तब तक पेपर लीक की घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल न्याय और जवाबदेही चाहिए।
CJP ने अपनी चार प्रमुख मांगें दोहराईं। पार्टी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए, पेपर लीक से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं और प्रदर्शन के दौरान कथित ज्यादती करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर साझा करते हुए तंज कसते हुए लिखा, “Hi, my name is nothing”, और सवाल उठाया कि सरकार छात्रों की बजाय शिक्षा मंत्री को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की जानकारी दी।

