PM मोदी का ऐलान: पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून लाएगी सरकार, सोनम वांगचुक ने 27 दिन बाद तोड़ा अनशन
कैबिनेट में आज होगी विधेयक पर चर्चा, दोषियों के लिए 5 से 10 साल की सजा का हो सकता है प्रावधान

दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद के बीच गुरुवार देर रात बड़ा घटनाक्रम सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने देश के नाम वीडियो संदेश जारी कर घोषणा की कि केंद्र सरकार परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के लिए नया विधेयक लाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में दोषियों के खिलाफ कड़े दंड और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान शामिल किए जाएंगे। इस विधेयक पर शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री (PM Modi) ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं के भविष्य की रक्षा करना और भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधेयक को अंतिम रूप देने के बाद जल्द से जल्द संसद में पेश किया जाएगा, ताकि इसे कानून का रूप दिया जा सके।
सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया
इधर, प्रधानमंत्री की घोषणा के कुछ ही देर बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 27 दिन से जारी अनशन समाप्त कर दिया।
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। वांगचुक ने कहा कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन मिलने और देश में संभावित तनाव की स्थिति को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है।
कानून में पेपर लीक के दोषियों के लिए 5 से 10 वर्ष तक की सजा
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित कानून में पेपर लीक के दोषियों के लिए 5 से 10 वर्ष तक की सजा, भारी जुर्माना और सख्त जमानत प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।
यदि किसी कोचिंग संस्थान, शिक्षक या परीक्षा से जुड़े अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होगा।
वहीं, पेपर तैयार करने या परीक्षा प्रक्रिया में शामिल दोषी अधिकारियों को भविष्य में ऐसी जिम्मेदारियों से स्थायी रूप से बाहर किया जा सकता है।
सरकार (PM Modi) के इस कदम को देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

