Gen-Z वोट बैंक पर बीजेपी की नजर, कैंपस में भाजयुमो-एबीवीपी संभालेंगे कमान

रायपुर। आगामी चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अब Gen-Z यानी पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाताओं पर फोकस बढ़ा दिया है। पार्टी ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सक्रिय करने की रणनीति तैयार की है। इसका उद्देश्य युवाओं तक सरकार की योजनाएं और पार्टी की विचारधारा पहुंचाना है।
कैंपस में चलेगा संपर्क अभियान
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेशभर में भाजयुमो और एबीवीपी को कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कैंपस संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत छात्र-छात्राओं के साथ संवाद, परिचर्चा, सदस्यता अभियान और युवा सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, स्टार्टअप, रोजगार, डिजिटल इंडिया, कौशल विकास और शिक्षा से जुड़ी नीतियों की जानकारी दी जाएगी।
पहली बार वोट डालने वालों पर फोकस
भाजपा की रणनीति में सबसे बड़ा लक्ष्य पहली बार मतदान करने वाले युवा हैं। जानकारी के अनुसार, भाजयुमो ने बस्तर से सदस्यता अभियान की शुरुआत की है और बड़ी संख्या में युवाओं को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। वहीं एबीवीपी भी विभिन्न शिक्षण संस्थानों में छात्र हित, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार जैसे मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रही है।
युवाओं के मुद्दों पर बढ़ा राजनीतिक फोकस
हाल के दिनों में परीक्षा संबंधी विवाद और छात्र आंदोलनों के बाद युवाओं के मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। ऐसे में भाजपा संगठनात्मक स्तर पर युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा
पार्टी का मानना है कि यदि युवाओं को सरकारी योजनाओं और संगठन की गतिविधियों से सीधे जोड़ा जाए, तो इसका फायदा आने वाले चुनावों में मिल सकता है। इसी वजह से भाजयुमो और एबीवीपी को सिर्फ सदस्यता अभियान तक सीमित न रखकर, सरकार और युवाओं के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बनाने की तैयारी की जा रही है।

