बुरहानपुर कलेक्ट्रेट में सरपंच ने पी लिया कीटनाशक, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती; प्रताड़ना के लगाए आरोप
इंदौर/बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब शिकायत लेकर पहुंचे सीतापुर ग्राम पंचायत के सरपंच अमर सिंह मंडलोई ने कथित प्रशासनिक उदासीनता से आहत होकर कीटनाशक पी लिया। घटना के बाद परिजन और अधिकारियों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल वे बेहोश हैं और बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।
परिजनों के अनुसार, होश खोने से पहले सरपंच ने पंचायत के पूर्व सचिव तुकाराम, नेपा क्षेत्र की विधायक मंजू दादू सहित तीन लोगों पर मानसिक प्रताड़ना और पैसों की मांग करने का आरोप लगाया था। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
घटना के बाद जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। सूत्रों का दावा है कि कीटनाशक पीने से पहले सरपंच जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सृजन वर्मा से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिली। हालांकि प्रशासन ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि सरपंच के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
इस बीच जिले में ग्राम पंचायत सचिवों की कमी का मुद्दा भी चर्चा में है। 167 ग्राम पंचायतों में कई जगह स्थायी सचिव नहीं हैं और कई सचिवों को दो से तीन पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है। इससे पंचायतों के कामकाज पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरपंच अपनी पंचायत में मनचाहे सचिव की नियुक्ति चाहते थे। उनके अनुसार, सीतापुर के पूर्व सचिव का 10 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनका तबादला किया गया और नए सचिव की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि केवल सचिव की नियुक्ति के मुद्दे पर ऐसा कदम उठाना सामान्य नहीं लगता और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
डिप्टी कलेक्टर भागीरथ वाखला ने बताया कि सरपंच अमर सिंह की हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है। उनके बेहोश होने के कारण बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं। होश आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उन्होंने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।



