उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन का बनेगा डेवलपमेंट रोडमैप: 6 जिलों के 42 सेक्टरों का होगा आकलन, 1 महीने में तैयार होगी रिपोर्ट

उज्जैन। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (Ujjain-Indore Metropolitan Region) के सुनियोजित और दीर्घकालीन विकास की दिशा तय करने के लिए बड़ी कवायद शुरू हो गई है। रीजन में शामिल छह जिलों के मौजूदा संसाधनों, सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति का व्यापक अध्ययन किया जा रहा है। कृषि, उद्योग, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत 42 प्रमुख सेक्टरों को इसमें शामिल किया गया है। सिचुएशन एनालिसिस रिपोर्ट करीब एक महीने में तैयार होने की उम्मीद है।
इस रिपोर्ट के आधार पर आने वाले वर्षों के लिए रीजन का विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसमें यह आकलन किया जाएगा कि मौजूदा संसाधन बढ़ती आबादी की जरूरतों के लिए कितने पर्याप्त हैं और किन क्षेत्रों में नए निवेश व इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता है।
16 हजार वर्ग किमी से ज्यादा क्षेत्र में फैला रीजन
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित (Ujjain-Indore Metropolitan Region) रीजन में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम जिले शामिल हैं। इसका कुल क्षेत्रफल 16 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक है। रीजन में 38 तहसील और 2781 गांव शामिल किए गए हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां आबादी 75.34 लाख थी, जो वर्तमान में करीब 90 से 95 लाख होने का अनुमान है।
कृषि, उद्योग और कनेक्टिविटी पर फोकस
सिचुएशन एनालिसिस (Ujjain-Indore Metropolitan Region) में कृषि गतिविधियों, औद्योगिक इकाइयों, सड़क और रेल नेटवर्क, शैक्षणिक संस्थानों, हरित क्षेत्रों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही आवास, जलापूर्ति, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा की भविष्य की जरूरतों का भी आकलन होगा।
रिपोर्ट के बाद रीजनल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें दीर्घकालीन विकास रणनीति, निवेश और संसाधनों के बेहतर उपयोग का खाका होगा। प्रस्तावित नए रेल रूटों में टीही-धार, धार-दाहोद, महू-मनमाड़ और मांगलिया-बुधनी भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।



