ईरान ने अमेरिका के सामने रखी नई शर्तें, बोला- ऐसे खुलेगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरान ने इस जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई सख्त शर्तें रखी हैं। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी नीति में बदलाव नहीं करता और सैन्य कार्रवाई से हुए नुकसान की भरपाई नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने पर सहमति नहीं बनेगी।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) की ओर से जारी बयान में इन शर्तों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, SNSC के सचिव और ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर मोहम्मद बाघेर जोलघाद्र ने मांगों को सार्वजनिक किया है।
ईरान की अमेरिका के सामने बड़ी शर्तें, सैन्य कार्रवाई रोकने से लेकर मुआवजे तक की मांग
ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिका की ओर से ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ सैन्य हमले स्थायी रूप से रोकना और क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी शामिल है। इसके अलावा ईरान ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए अमेरिका से पूरा मुआवजा देने की मांग की है।
ईरान चाहता है कि उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की ओर से लगाई गई कथित नाकेबंदी तत्काल हटाई जाए। साथ ही ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को खत्म करने और अमेरिका में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को बिना शर्त बहाल करने की भी मांग की गई है।
ओमान के साथ बातचीत जारी, होर्मुज पर समझौते की कोशिश
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ता है। इस रास्ते से वैश्विक तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां लंबे समय तक तनाव या आवाजाही प्रभावित होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर ओमान के साथ बातचीत चल रही है और दोनों देश किसी समझौते के करीब हैं। हालांकि, ईरान के मुताबिक आगे की स्थिति अमेरिका की ओर से कथित उल्लंघनों के लिए मुआवजे पर भी निर्भर करेगी। ओमान ने भी बातचीत के सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है।
होर्मुज में UAE के तेल टैंकर पर हमले का दावा
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया है कि शनिवार सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने अबू धाबी की सरकारी तेल और गैस कंपनी ADNOC के एक जहाज को निशाना बनाया। कंपनी के मुताबिक इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
कंपनी ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच इस साल की शुरुआत में संघर्ष शुरू होने के बाद से होर्मुज में उसके एक दर्जन से ज्यादा जहाजों पर हमले हो चुके हैं।
अमेरिका बोला- बातचीत जारी, लेकिन सुरक्षा हितों से समझौता नहीं
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अभी यह देखना बाकी है कि कोई संभावित समझौता अमेरिका के हितों के अनुरूप होगा या नहीं।
वेंस के मुताबिक फिलहाल अमेरिका का ध्यान जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्था तैयार करने पर है। दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान की ओर से रखी गई नई शर्तों पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। इस समुद्री मार्ग से बड़ी मात्रा में तेल और ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही होती है, इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर वैश्विक तेल बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।



