छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का तबादला, 3 जजों की सेवानिवृत्ति से पहले बड़ा बदलाव

बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तबादला करने की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने यह फैसला 6 अगस्त 2026 को हुई बैठक में लिया।
जस्टिस मोहपात्रा के पास सिविल, आपराधिक, सेवा और संवैधानिक मामलों में करीब 26 वर्षों का अनुभव है। उनका तबादला ऐसे समय में हुआ है, जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आने वाले महीनों में कई न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
न्यायिक परिवार से आते हैं जस्टिस मोहपात्रा
जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनके पिता सरत चंद्र मोहपात्रा भी न्यायाधीश रह चुके हैं। उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया।
वकालत के दौरान उन्होंने कानून के विभिन्न क्षेत्रों में मामलों की पैरवी की। इसके बाद 17 अप्रैल 2015 को उन्हें ओडिशा हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण नियुक्ति
जस्टिस मोहपात्रा का तबादला ऐसे समय में हुआ है, जब हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या को लेकर बदलाव होने वाला है। हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट ने भी उनके ओडिशा से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तबादले की जानकारी जारी की है।
यह तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के प्रशासनिक कामकाज और लंबित मामलों के निपटारे के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



