छत्तीसगढ़ में कल से जूनियर डॉक्टरों(JDA) का OPD बहिष्कार, अस्पतालों के बाहर चलेगी समानांतर OPD; 28 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं से हटने की चेतावनी

रायपुर। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों और संबद्ध अस्पतालों में लंबित मांगों को लेकर आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया है। JDA के अनुसार, कल से प्रदेशभर में OPD सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। हालांकि, मरीजों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए अस्पतालों के बाहर समानांतर OPD संचालित कर जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा के बाद दिया था 7 दिन का समय
JDA के मुताबिक, 18 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ हुई बैठक में संगठन ने अपनी प्रमुख मांगें रखी थीं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों के समाधान के लिए सात दिन का समय मांगा था।
इसके बाद JDA ने अपना प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया था और इस अवधि में डॉक्टरों ने नियमित चिकित्सा सेवाएं जारी रखीं। संगठन का कहना है कि सात दिन की समयसीमा पूरी होने के बावजूद उसकी तीन प्रमुख मांगों पर अपेक्षित ठोस निर्णय या आदेश जारी नहीं हुआ।
इसी के चलते JDA छत्तीसगढ़ ने कल से प्रदेशभर में OPD सेवाओं के बहिष्कार का फैसला लिया है।
28 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं से भी हटने का प्रस्ताव
JDA ने कहा है कि यदि निर्धारित समय में मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को और आगे बढ़ाया जाएगा। संगठन के अनुसार, 28 सितंबर से PG Residents, MBBS Interns, Bonded Medical Officers और Senior Residents द्वारा प्रदेशभर में Emergency सेवाओं से भी हटने का चरण प्रस्तावित है।
‘मरीजों को परेशान करना उद्देश्य नहीं’
JDA छत्तीसगढ़ ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य मरीजों को परेशान करना नहीं है। संगठन लंबे समय से लंबित चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों की मांगों का समयबद्ध और नीतिगत समाधान चाहता है।
संगठन ने कहा कि अब तक संवाद और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक माध्यमों को प्राथमिकता दी गई है। JDA ने सरकार से मरीजों और चिकित्सकों दोनों के हित में जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की है।



