झारखंड छात्र आंदोलन पर भूपेश बघेल की चुप्पी, अजय चंद्राकर का तंज- ‘जूता चोरी का डर है तो नया दे देंगे’

रायपुर। झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि भूपेश बघेल कई मुद्दों पर जांच की मांग करते हैं, लेकिन झारखंड के छात्रों के आंदोलन को लेकर उनकी चुप्पी समझ से परे है।
अजय चंद्राकर ने यहां तक कह दिया कि अगर भूपेश बघेल झारखंड जाने से इस वजह से बच रहे हैं कि वहां उनका जूता चोरी हो सकता है, तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘जूता चोरी हो जाएगा तो नया जूता दे दिया जाएगा।’ उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
झारखंड छात्र आंदोलन पर चुप्पी को लेकर भूपेश बघेल पर चंद्राकर का तंज
अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस नेता अलग-अलग मामलों में जांच की मांग करते रहे हैं, लेकिन जब छात्रों के आंदोलन और उनसे जुड़े मुद्दों की बात आती है तो उनकी ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आती। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक सुविधा के हिसाब से मुद्दे उठाने का आरोप लगाया।
देश विरोध और वैचारिक नक्सलवाद पर भी बोले चंद्राकर
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए अजय चंद्राकर ने वैचारिक नक्सलवाद को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र सम्मान से जुड़े विषयों का विरोध करना गंभीर बात है।
चंद्राकर ने कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम को लेकर सामने आए विवाद का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्र सम्मान से जुड़े विषयों को भी राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रतीकों का विरोध किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
वंदे मातरम विवाद पर चंद्राकर ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में वंदे मातरम के गायन को कथित तौर पर रोके जाने के विवाद पर भी भाजपा विधायक ने कांग्रेस को घेरा। चंद्राकर ने कहा कि वंदे मातरम देश की अस्मिता और देशभक्ति का प्रतीक है।
उन्होंने कांग्रेस की ओर से दी गई उस सफाई का भी जिक्र किया, जिसमें बताया गया था कि मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगाई जा रही थी। चंद्राकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वंदे मातरम का पूरा गायन हुआ था तो उसका वीडियो सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की, ताकि विवाद की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
वायरल वीडियो को लेकर भी कांग्रेस पर पलटवार
अजय चंद्राकर ने अपने नाम से वायरल हुए एक वीडियो को लेकर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज FIR का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि धमतरी में भाजपा पदाधिकारियों की शिकायत के आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा समेत अन्य नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रीय पर्व से जुड़े एक वीडियो को राजनीतिक मुद्दा बना दिया और उसकी पूरी सच्चाई जाने बिना उसे सोशल मीडिया पर प्रचारित किया।
चंद्राकर बोले- ‘वीडियो पुराना, 15 अगस्त से जोड़कर किया गया वायरल’
वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो इस साल 15 अगस्त का नहीं है। उनके मुताबिक, यह वीडियो कुरुद में आयोजित एक प्रशिक्षण शिविर का है, जिसे स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम से जोड़कर प्रचारित किया गया।
चंद्राकर ने बताया कि इस वर्ष धमतरी में शासन की ओर से उन्हें स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के लिए अतिथि बनाया गया था। उन्होंने दावा किया कि समारोह में निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत ध्वजारोहण किया गया।
उन्होंने कहा कि वीडियो की सच्चाई जानने के लिए प्रशासन से सत्यापन किया जा सकता था, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने ऐसा किए बिना ही वीडियो को देशभर में वायरल कर दिया।
कांग्रेस से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग
भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस के पास अब जनता से जुड़े पर्याप्त राजनीतिक मुद्दे नहीं बचे हैं। यही वजह है कि राष्ट्रीय पर्व और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मामलों को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है।
चंद्राकर ने कहा कि इस तरह की राजनीति को जनता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने विवाद से जुड़े कांग्रेस नेताओं से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी की।
छात्र आंदोलन से लेकर वंदे मातरम तक, सियासत जारी
झारखंड छात्र आंदोलन पर भूपेश बघेल की कथित चुप्पी, वंदे मातरम विवाद और वायरल वीडियो को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने जहां कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं इन मामलों में कांग्रेस का पक्ष और संबंधित घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल झारखंड छात्र आंदोलन से शुरू हुई राजनीतिक बहस अब छत्तीसगढ़ में भी तूल पकड़ती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से क्या जवाब आता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।



