छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश से हसदेव नदी उफान पर, बांगो बांध के 9 गेट खुले; एनीकट पार करते समय महिला बही

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। कोरबा में लगातार बारिश के बाद हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ गया है, वहीं बांगो बांध में पानी की आवक बढ़ने के बाद 9 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से हजारों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण आसपास के निचले इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
इसी बीच पामगढ़ क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां लीलागर नदी पर बने एनीकट को पार करते समय एक महिला तेज बहाव में बह गई। महिला की तलाश के लिए पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन देर शाम तक उसका पता नहीं चल सका।
छत्तीसगढ़ में बारिश का रौद्र रूप, नदी-नाले उफान पर
प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 30 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
बारिश के साथ कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम में इस बदलाव की एक बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र बताया जा रहा है। इसके और मजबूत होने की संभावना है, जिससे छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
बारिश के कारण बांगो बांध के 9 गेट खोले गए
कोरबा जिले में स्थित मिनीमाता बांगो बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। बांध का जलस्तर करीब 93.65 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद पानी का दबाव कम करने के लिए 9 गेट खोल दिए गए।
जानकारी के मुताबिक, बांध के गेट करीब 6 मीटर तक खोले गए हैं और इससे 41 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़े जाने के बाद हसदेव नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
प्रशासन की नजर नदी किनारे और निचले इलाकों पर बनी हुई है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के तेज बहाव के पास जाने या उसे पार करने की कोशिश न करें।
एनीकट पार करना पड़ा भारी, तेज बहाव में बही महिला
पामगढ़ क्षेत्र के कोसीर-ढाबाडीह टांगर डेम के पास लीलागर नदी पर बने एनीकट को पार करते समय जेवरा निवासी करीब 40 वर्षीय रमा बाई तेज बहाव की चपेट में आ गईं।
बताया गया कि महिला पैदल अपने मायके जा रही थीं। इसी दौरान एनीकट पार करते वक्त अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और वह नदी में बह गईं।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। SDRF की टीम ने भी महिला की तलाश शुरू की। काफी देर तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने तक महिला का कोई सुराग नहीं मिला।
सुरक्षा को देखते हुए एनीकट पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। सर्च ऑपरेशन को सुबह दोबारा शुरू करने की तैयारी की गई है।
कई इलाकों में हुई जोरदार बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। भैसमा और लवन में करीब 9-9 सेंटीमीटर, ओडगी में 8 सेंटीमीटर और कोटाडोल में करीब 7 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा सिमगा, बेरला और थानखमरिया में भी करीब 6-6 सेंटीमीटर बारिश हुई। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
रायपुर समेत कई जिलों में अलर्ट
राजधानी रायपुर में भी आसमान में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को खासतौर पर बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश के बीच प्रशासन की अपील
बारिश के दौरान सबसे बड़ा खतरा नदी और नालों के अचानक बढ़ते जलस्तर से होता है। ऐसे में लोगों से अपील है कि पानी के तेज बहाव के बीच सड़क, पुलिया या एनीकट पार करने की कोशिश न करें।
खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग अक्सर छोटे पुल या एनीकट के जरिए नदी पार करते हैं, लेकिन बारिश के दौरान कुछ ही मिनटों में पानी का बहाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। पामगढ़ की घटना भी इसी खतरे की गंभीर तस्वीर दिखाती है।
फिलहाल छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है। एक तरफ बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है, तो दूसरी तरफ नदियां उफान पर हैं। ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेना और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।



