भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में छत्तीसगढ़ को भारी उम्मीदों के बीच महज दो चेहरों पर मुहर

रायपुर/दिल्ली : भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बहुप्रतीक्षित अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। नई टीम के ऐलान के साथ ही देश के अलग-अलग राज्यों में सियासी नफा-नुकसान का आकलन शुरू हो चुका है। हालांकि, इस पूरी सूची में जिस राज्य के राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा सन्नाटा और कानाफूसी देखी जा रही है, वह है छत्तीसगढ़। राज्य के राजनीतिक जानकारों और भाजपा कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि नितिन नबीन की इस नई टीम में छत्तीसगढ़ को विशेष तरजीह मिलेगी और राज्य के कद्दावर नेताओं को संगठन के शीर्ष पदों पर जगह दी जाएगी। लेकिन जब अंतिम सूची सामने आई, तो छत्तीसगढ़ के खाते में सिर्फ दो नाम दर्ज हुए।
उम्मीदें थीं बड़ी, मिला सिर्फ दो पदों का दायित्व
नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ से पुराना और गहरा नाता रहा है। वे लंबे समय तक छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश सह-प्रभारी की भूमिका निभा चुके हैं। विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक, उन्होंने राज्य के चप्पे-चप्पे का दौरा किया, जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद साधा और स्थानीय नेताओं की कार्यशैली को बेहद करीब से परखा। यही वजह थी कि जैसे ही उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान संभाली, छत्तीसगढ़ भाजपा के भीतर यह कयास तेज हो गए थे कि इस बार राष्ट्रीय संगठन में राज्य का दबदबा देखने को मिलेगा। चर्चाएं थीं कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय महामंत्री या मुख्य प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण और नीति-निर्धारक पदों पर छत्तीसगढ़ के किसी कद्दावर चेहरे को जरूर बैठाया जाएगा।


लेकिन घोषित सूची ने इन तमाम राजनीतिक अनुमानों पर विराम लगा दिया। सूची में छत्तीसगढ़ से केवल दो नाम शामिल किए गए—पहला महासमुंद की सांसद रूप कुमारी चौधरी और दूसरा तकनीकी व संगठन स्तर पर सक्रिय रहने वाले दीपक म्हस्के।
रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कमान
घोषित टीम में छत्तीसगढ़ के लिहाज से सबसे बड़ा चेहरा महासमुंद की लोकसभा सांसद रूप कुमारी चौधरी का है। पार्टी ने उन पर बड़ा भरोसा जताते हुए ‘भाजपा राष्ट्रीय महिला मोर्चा’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। रूप कुमारी चौधरी का राजनीतिक सफर जमीनी संघर्ष और निरंतरता का उदाहरण रहा है। पूर्व में संसदीय सचिव और विधायक रह चुकीं रूप कुमारी चौधरी ने लोकसभा चुनाव में महासमुंद सीट से शानदार जीत दर्ज कर केंद्रीय नेतृत्व का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
ओबीसी और महिला वर्ग के समीकरणों को साधने के लिहाज से यह नियुक्ति बेहद अहम मानी जा रही है। राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्षता मिलने से देशभर में पार्टी के महिला विंग के संगठनात्मक विस्तार और अभियानों का नेतृत्व अब छत्तीसगढ़ की इस सांसद के हाथों में होगा। इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर भी देखा जा रहा है।
दीपक म्हस्के को मिला सोशल मीडिया का राष्ट्रीय दायित्व
सूची में दूसरा नाम दीपक म्हस्के का है, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ‘सोशल मीडिया संयोजक’ का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। डिजिटल युग में किसी भी राजनीतिक दल के लिए सोशल मीडिया और नैरेटिव बिल्डिंग की भूमिका रीढ़ की हड्डी मानी जाती है। दीपक म्हस्के लंबे समय से संगठन में पर्दे के पीछे रहकर आईटी और सोशल मीडिया अभियानों को धार देने का काम करते रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर संयोजक बनाए जाने के बाद अब उन पर पार्टी की डिजिटल रणनीति, अभियानों और सोशल मीडिया विंग को राष्ट्रीय फलक पर गति देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
क्या बंद हो गया छत्तीसगढ़ का चैप्टर?
इन दो नियुक्तियों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या नितिन नबीन की राष्ट्रीय टीम में छत्तीसगढ़ का चैप्टर यहीं क्लोज हो गया है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में—जहां पार्टी सत्ता में है और लोकसभा में 11 में से 10 सीटें जीतकर दी हैं—वहां राष्ट्रीय टीम में प्रतिनिधित्व और बड़ा हो सकता था। कयास लगाए जा रहे थे कि पूर्व मंत्रियों, अनुभवी वरिष्ठ नेताओं या संगठन के पुराने दिग्गजों में से किसी एक को राष्ट्रीय महामंत्री या संसदीय बोर्ड स्तर के इर्द-गिर्द जगह मिलेगी। लेकिन ऐसा न होने से कार्यकर्ताओं के एक धड़े में थोड़ी निराशा जरूर है।
फिलहाल, रूप कुमारी चौधरी और दीपक म्हस्के की ताजपोशी से यह साफ है कि नेतृत्व ने संतुलन साधने की कोशिश की है। अब देखना यह होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस नई जिम्मेदारी के जरिए ये दोनों नेता छत्तीसगढ़ की सियासत और राष्ट्रीय संगठन में कितना गहरा प्रभाव छोड़ पाते हैं।



