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इजराइल में फिलिस्तीनी कैदियों को फांसी देने की तैयारी पर विवाद, नए फांसीघर को लेकर उठे सवाल

तेल अवीव। इजराइल में फिलिस्तीनी कैदियों को फांसी देने की तैयारी को लेकर विवाद बढ़ गया है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने मध्य इजराइल में बन रहे एक नए फांसीघर की निर्माणाधीन साइट का दौरा किया और इसका वीडियो भी जारी किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, परिसर में डेथ रो विंग, फांसी का मुख्य ढांचा और ऐसी जगह तैयार की जा रही है, जहां पीड़ितों के परिवार फांसी की प्रक्रिया देख सकेंगे। बेन ग्विर ने कहा कि उनकी सरकार ने आतंकवाद के दोषियों के लिए मौत की सजा का कानून लागू करने और फांसीघर बनाने का जो वादा किया था, उसे पूरा किया जा रहा है।

फिलिस्तीनियों पर ही लागू होने का आरोप

इस फैसले को लेकर सबसे बड़ा विवाद इसके संभावित इस्तेमाल को लेकर है। मार्च में इजराइली संसद ने आतंकवाद से जुड़े मामलों में हत्या के दोषियों के लिए मौत की सजा का प्रावधान किया था। यह कानून सैन्य अदालतों के जरिए लागू किया जाएगा, जो आमतौर पर इजराइली नागरिकों के मामलों की सुनवाई नहीं करतीं।

इसी वजह से कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून को लेकर ‘दोहरी न्याय व्यवस्था’ की आशंका जताई है। मामले को इजराइल की सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कानून जीवन के अधिकार, गरिमा, समानता और निष्पक्ष सुनवाई जैसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है।

इजराइली जेलों में हजारों फिलिस्तीनी कैदी

इजराइली मानवाधिकार संगठन हामोक्ड के मुताबिक, इजराइल की जेलों में 9,300 से अधिक फिलिस्तीनी कैदी हैं। इनमें करीब 3,200 लोग प्रशासनिक हिरासत में हैं।

इस व्यवस्था के तहत सैन्य कमांडर किसी व्यक्ति को बिना औपचारिक आरोप लगाए छह महीने तक हिरासत में रख सकते हैं और इस अवधि को बार-बार बढ़ाया जा सकता है। ऐसे मामलों में हिरासत का आधार अक्सर ऐसी गोपनीय जानकारी होती है, जिसे आरोपी या उसका वकील नहीं देख सकता।

गाजा में शांति प्रयासों के बीच नया विवाद

बेन ग्विर का फांसीघर की साइट का दौरा ऐसे समय हुआ है जब गाजा में युद्धविराम और शांति प्रक्रिया को लेकर बातचीत जारी है। इजराइल और हमास के बीच सैन्य वापसी और हथियार छोड़ने की शर्तों को लेकर मतभेद बने हुए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से गाजा में 1,250 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। वहीं, वेस्ट बैंक में इस साल इजराइली सेना या बसने वालों की कार्रवाई में कम से कम 76 फिलिस्तीनियों के मारे जाने की बात सामने आई है, जिनमें 18 बच्चे शामिल हैं।

यह भी पढ़ें – छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को जल्द मिलेंगे 3 नए जज,

पहले भी विवादों में रहे हैं बेन ग्विर

इतामार बेन ग्विर अपने विवादित बयानों और नीतियों को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं। हाल में गाजा में लक्षित हत्याओं को लेकर उनके बयानों की आलोचना हुई थी।

अब फांसीघर के निर्माण और फिलिस्तीनी कैदियों को मौत की सजा देने की तैयारी ने इजराइल में कानून, सजा, समानता और मानवाधिकारों को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।

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