ओम पर्वत पर फिर उभरी बर्फ की ‘ॐ’ आकृति: ताजा हिमपात के बाद चमकी पंचाचुली की चोटियां

धारचूला। मानसून के दौरान बर्फ पिघलने से बर्फविहीन नजर आने वाला ओम पर्वत (Om Parvat) अब एक बार फिर अपने पुराने स्वरूप में लौटने लगा है। हालिया बारिश के साथ हुए हिमपात के बाद पर्वत पर बर्फ की प्राकृतिक ‘ॐ’ आकृति साफ दिखाई देने लगी है। आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा के दूसरे चरण के शुरू होने से पहले इस नजारे ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।
ओम पर्वत कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित है और धार्मिक दृष्टि से श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां पर्वत की चोटी पर बर्फ के बीच प्राकृतिक रूप से ‘ॐ’ जैसी आकृति दिखाई देती है। मानसून के दौरान तापमान और मौसम में बदलाव के कारण यहां जमी बर्फ पिघल जाती है और यह आकृति लगभग गायब हो जाती है। मानसून के समाप्त होने के साथ क्षेत्र में दोबारा हिमपात शुरू होते ही ‘ॐ’ का स्वरूप फिर उभरने लगता है।
जुलाई में बर्फ लगभग गायब हो गई थी
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस साल जुलाई में ओम पर्वत और उसकी ‘ॐ’ आकृति लगभग बर्फविहीन हो गई थी। अब बीते दिनों हुई बारिश के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हुआ, जिसके बाद पर्वत पर बर्फ की परत जमने लगी है। इसी के साथ प्राकृतिक ‘ॐ’ आकृति भी दोबारा स्पष्ट हो गई है।
क्षेत्र के मौसम को करीब से समझने वाले लोगों के अनुसार ओम पर्वत (Om Parvat) ट्रांस हिमालय क्षेत्र में आता है। यहां वर्षा अपेक्षाकृत कम होती है। मानसून के दौरान ग्लेशियरों को छोड़कर पर्वतीय क्षेत्रों में जमा पुरानी बर्फ का बड़ा हिस्सा पिघल जाता है। इसके बाद मौसम बदलने और नए हिमपात का दौर शुरू होने पर ऊंची चोटियां फिर बर्फ से ढकने लगती हैं।
दूसरे हिमपात के बाद पूरा पर्वत बर्फ से ढकने की उम्मीद
हालिया हिमपात के बाद अभी ओम पर्वत पर बर्फ की शुरुआत हुई है। जानकारों के मुताबिक क्षेत्र में एक और अच्छा हिमपात होने के बाद पूरा ओम पर्वत बर्फ की सफेद चादर से ढक सकता है। ऐसे में ‘ॐ’ की आकृति और ज्यादा स्पष्ट नजर आने की संभावना है।
बुधवार को तकलाकोट व्यापार के लिए गए स्थानीय वाहन चालक गोविंद गब्र्याल ने लिपुलेख जाते समय सुबह ओम पर्वत की तस्वीर खींची। उन्होंने बताया कि पर्वत पर बर्फ की ‘ॐ’ आकृति उभर चुकी है। यह तस्वीर यात्रा मार्ग पर मौसम में बदलाव और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शुरू हुए हिमपात की झलक भी दिखाती है।
श्रद्धालुओं के लिए खास नजारा
ओम पर्वत और आदि कैलास यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने वाला है। ऐसे में बर्फ की ‘ॐ’ आकृति का दोबारा दिखाई देना श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण है। यात्रा पर आने वाले लोग प्राकृतिक रूप से बनी इस आकृति के दर्शन कर सकेंगे।
ओम पर्वत को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। पर्वत पर बर्फ से बनी ‘ॐ’ आकृति को देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंचते हैं। मौसम साफ रहने पर दूर से ही बर्फीली चोटी और उस पर बनी आकृति दिखाई देती है। हिमपात के बाद यहां का पूरा परिदृश्य और अधिक आकर्षक हो जाता है।
पंचाचुली की चोटियां भी चमकीं
बीते दिनों हुए हिमपात का असर केवल ओम पर्वत (Om Parvat) तक सीमित नहीं रहा। पंचाचुली की ऊंची चोटियां भी बर्फ से ढककर चमकने लगी हैं। बर्फ पड़ने के बाद पंचाचुली पर्वत श्रृंखला का दृश्य बेहद आकर्षक नजर आ रहा है।
आने वाले दिनों में पंचाचुली ग्लेशियर ट्रेक भी पर्यटकों के लिए शुरू होने की उम्मीद है। ट्रेक शुरू होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों और ट्रेकर्स को बर्फ से ढकी पंचाचुली चोटियों और ग्लेशियर का शानदार नजारा देखने को मिलेगा।
इस तरह मानसून के बाद बदले मौसम ने पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र की ऊंची चोटियों का स्वरूप बदल दिया है। एक ओर ओम पर्वत पर प्राकृतिक ‘ॐ’ आकृति फिर से उभर आई है, वहीं दूसरी ओर पंचाचुली की चोटियों पर बर्फ की चमक यात्रियों और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन गई है। आदि कैलास-ओम पर्वत यात्रा शुरू होने के साथ इन बर्फीले नजारों को देखने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।



