जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर भागने लगा यात्री, अंडरगारमेंट की सिलाई में छिपा मिला संदिग्ध पदार्थ
XBIS स्कैनिंग के दौरान CISF को दिखी संदिग्ध वस्तु; निकास द्वार के पास पकड़ा गया मुजफ्फरनगर का मोहम्मद शोएब, पुलिस कर रही जांच

दिल्ली। दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सामान की नियमित जांच के दौरान एक यात्री की संदिग्ध गतिविधियों (AREST) से सुरक्षा कर्मी सतर्क हो गए।
एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) पर सामान के भीतर एक सघन वस्तु दिखाई देने के बाद CISF के जवानों ने यात्री पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान यात्री ने कथित तौर पर स्टेशन से भागने की कोशिश की।
सुरक्षाकर्मियों ने पीछा कर उसे निकास द्वार के पास पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके अंडरगारमेंट की सिलाई के अंदर छिपाकर रखा गया एक अज्ञात अर्ध-ठोस पदार्थ मिला। इसके बाद यात्री और उसका सामान आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के मुताबिक, घटना 17 अक्टूबर को जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सामान की स्क्रीनिंग के दौरान हुई थी। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है। व
ह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला बताया गया है। उसने कुआलालंपुर, मलेशिया का भी एक पता बताया था। हालांकि, बरामद पदार्थ की प्रकृति और यात्री के पास उसे रखने के उद्देश्य को लेकर जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
स्कैनर पर संदिग्ध वस्तु दिखते ही सतर्क हुए जवान
CISF की ओर से सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर तैनात जवान सामान की नियमित स्क्रीनिंग कर रहे थे। इसी दौरान XBIS की स्क्रीन पर एक संदिग्ध और सघन वस्तु दिखाई दी। सुरक्षा कर्मियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित यात्री पर नजर रखी।
CISF के अनुसार, संदिग्ध वस्तु सामने आने के दौरान ही यात्री ने स्टेशन से निकलने की कोशिश की। जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसका पीछा किया और निकास द्वार के पास उसे पकड़ लिया। सुरक्षा कर्मियों की तत्परता और आपसी तालमेल के कारण यात्री को स्टेशन से बाहर जाने से पहले रोक लिया गया।
मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के सामान की जांच सुरक्षा (AREST) व्यवस्था का अहम हिस्सा है। एक्स-रे स्कैनर के जरिए सामान के भीतर रखी वस्तुओं की पहचान करने में मदद मिलती है। यदि स्क्रीनिंग के दौरान कोई संदिग्ध चीज दिखाई देती है, तो सुरक्षा कर्मी अतिरिक्त जांच कर सकते हैं। इस मामले में भी स्कैनर पर दिखाई दी वस्तु के बाद सुरक्षाकर्मियों ने कार्रवाई की।
वीडियो में एस्केलेटर से बाहर जाते दिखा यात्री
CISF की ओर से जारी वीडियो में यात्री फोन पर बात करते हुए एस्केलेटर से बाहर निकलने की ओर जाता दिखाई देता है। इसी दौरान एक सुरक्षाकर्मी सीढ़ियों से ऊपर पहुंचता है और उसे पकड़ लेता है। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसके सामान की जांच की।
जांच के दौरान उसके अंडरगारमेंट की सिलाई के अंदर छिपाकर रखा गया एक अज्ञात अर्ध-ठोस पदार्थ मिला। CISF के अनुसार, पदार्थ को इस तरह छिपाकर रखा गया था कि सामान्य रूप से सामान देखने पर उसका पता लगाना आसान नहीं था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पदार्थ क्या था और उसकी रासायनिक जांच में क्या सामने आया।
सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि यात्री ने खुद को कुआलालंपुर में रहने वाला एनआरआई बताया था। उसके द्वारा बताए गए पते और अन्य जानकारियों की पुष्टि के संबंध में जांच की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पदार्थ की पहचान और मामले की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पुलिस को आगे की कार्रवाई करनी है।
यात्री और सामान पुलिस को सौंपे गए
CISF के जवानों ने यात्री को पकड़ने के बाद उसके सामान की जांच की और संदिग्ध पदार्थ मिलने पर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस जांच के दौरान बरामद पदार्थ की प्रकृति, उसके स्रोत और उसे छिपाकर ले जाने के संभावित कारणों की पड़ताल की जा सकती है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद अर्ध-ठोस पदार्थ किसी प्रतिबंधित श्रेणी में आता है या नहीं। इसलिए जांच रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बिना उसे किसी विशेष पदार्थ के रूप में पहचानना सही नहीं होगा। इसी तरह, केवल संदिग्ध गतिविधि या किसी वस्तु की बरामदगी के आधार पर यात्री के इरादे के बारे में अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
मेट्रो सुरक्षा व्यवस्था में सतर्कता अहम
दिल्ली मेट्रो में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर (AREST) करते हैं। ऐसे में सामान की स्क्रीनिंग, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और सुरक्षा कर्मियों के बीच त्वरित समन्वय महत्वपूर्ण माना जाता है। जामा मस्जिद स्टेशन पर हुई इस घटना में स्कैनर पर दिखाई दी वस्तु के बाद जवानों ने तत्काल कार्रवाई की।
CISF की ओर से साझा किए गए विवरण के मुताबिक, जवानों ने यात्री को स्टेशन के निकास द्वार के पास पकड़ लिया और आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया। अब मामले में बरामद पदार्थ की पहचान और अन्य तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पदार्थ किस प्रकृति का था और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।



