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पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था पर BJP का मान सरकार पर हमला, केजरीवाल-सिसोदिया की एंट्री पर बैन की मांग

पंजाब में नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और नशे की समस्या पर सवाल उठाए हैं। पंजाब BJP के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ और BJP सांसद तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशे के कारोबार और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है।

सुनील जाखड़ ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के पंजाब में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर कानूनी विकल्प तलाशने की बात कही है। उन्होंने इस मुद्दे पर राज्यपाल से संपर्क करने की भी घोषणा की। हालांकि, यह फिलहाल BJP नेता की ओर से रखी गई मांग है। किसी अदालत द्वारा प्रवेश प्रतिबंध लगाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

16 साल के लड़के की मौत का जिक्र कर सरकार पर सवाल

सुनील जाखड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में फाजिल्का जिले के जलालाबाद में नशे के कथित सेवन से 16 साल के एक लड़के की मौत का मामला उठाया। उन्होंने दावा किया कि लड़के के पिता की भी कुछ समय पहले नशे से जुड़ी वजहों के कारण मौत हो गई थी।

जाखड़ ने इस घटना का हवाला देते हुए कहा कि नशे की समस्या परिवारों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में नशे की समस्या की गंभीरता को स्वीकार करने और उस पर प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत है।

हालांकि, लड़के और उसके पिता की मौत की परिस्थितियों तथा उनके कारणों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। फिलहाल इस मामले में जाखड़ के बयान को BJP की ओर से उठाए गए मुद्दे के तौर पर देखा जा रहा है।

राज्यपाल और चुनाव आयोग तक मामला ले जाने की तैयारी

सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब की मौजूदा स्थिति को लेकर वह राज्यपाल को पत्र लिखेंगे। इसके साथ ही पंजाब BJP का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मुलाकात कर कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाएगा।

जाखड़ ने चुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता लागू करने की मांग भी की। उनका कहना है कि राज्य में मौजूदा हालात को देखते हुए इस दिशा में कदम उठाने पर विचार किया जाना चाहिए।

हालांकि, आदर्श आचार संहिता लागू करने का फैसला चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। जाखड़ की मांग और इस संबंध में किसी आधिकारिक निर्णय को अलग-अलग समझना जरूरी है।

केजरीवाल और सिसोदिया के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग

BJP नेता सुनील जाखड़ ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के पंजाब में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना जताई है। उन्होंने इसे संवैधानिक मुद्दे के रूप में उठाने की बात कही।

यह मांग राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति के राज्य में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानूनी आधार और संबंधित परिस्थितियों का परीक्षण जरूरी होता है। फिलहाल जाखड़ की ओर से कानूनी विकल्प तलाशने की बात सामने आई है, लेकिन किसी याचिका या अदालत के आदेश की पुष्टि नहीं हुई है।

तरुण चुघ ने भी कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

BJP सांसद तरुण चुघ ने भी पंजाब में अपराध और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास गृह विभाग की जिम्मेदारी होने के बावजूद राज्य में नशे और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

चुघ ने पुलिस थानों पर कथित ग्रेनेड हमलों और पंजाब पुलिस मुख्यालय पर रॉकेट लॉन्चर से हमले का जिक्र करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने यह दावा भी किया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को वर्दी में घर नहीं जाने के निर्देश दिए हैं।

BJP सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता की स्थिति है। हालांकि, उनके इन बयानों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और राज्य सरकार का पक्ष अलग से सामने आना जरूरी है।

नशे और गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर AAP सरकार पर आरोप

तरुण चुघ ने पंजाब में नशीले पदार्थों की बिक्री, हत्या और फिरौती जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने और गैंगस्टर गतिविधियों पर अंकुश लगाने में सरकार प्रभावी साबित नहीं हो रही है।

चुघ ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही है। उन्होंने राज्य में अपराध की स्थिति को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की।

ये आरोप BJP नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। इन दावों के आधार पर राज्य की पूरी कानून-व्यवस्था के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले आधिकारिक अपराध आंकड़ों, पुलिस की कार्रवाई और राज्य सरकार के जवाब को देखना जरूरी होगा।

पराली जलाने पर मंत्री हरपाल सिंह चीमा का दावा

नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर BJP के हमलों के बीच पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पराली प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार के प्रयासों का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है और यह समस्या लगभग समाप्त होने की स्थिति में है।

चीमा के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों से किसानों को पराली इकट्ठा करने और उसके प्रबंधन के लिए उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसान भी पराली जलाने से बचना चाहते हैं।

हालांकि, पराली जलाने की घटनाओं में कमी के दावे का आकलन आधिकारिक आंकड़ों और पिछले वर्षों के रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तेज होगी सियासी लड़ाई

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नशे का कारोबार, गैंगस्टर गतिविधियां और कानून-व्यवस्था राजनीतिक दलों के बीच प्रमुख मुद्दे बन सकते हैं। BJP इन मामलों को लेकर भगवंत मान सरकार पर लगातार सवाल उठा रही है और राज्यपाल तथा चुनाव आयोग तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी कर रही है।

दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत जवाब सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सुनील जाखड़ की कानूनी कार्रवाई की घोषणा और तरुण चुघ के आरोपों ने पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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