UAPA समीक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष बने रिटायर्ड जस्टिस गौतम चौरडिया, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत गठित समीक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एवं वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरडिया को इस जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया है। वे वर्ष 2022 से राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
साक्ष्यों की स्वतंत्र समीक्षा करेगा प्राधिकरण
गृह विभाग के आदेश के अनुसार, समीक्षा प्राधिकरण जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों की स्वतंत्र समीक्षा करेगा। इसके साथ ही संबंधित मामलों में अभियोजन की स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में राज्य सरकार को अपनी अनुशंसा देगा।
यह नियुक्ति विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 की धारा 45 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है।
अप्रैल 2026 में हुआ था प्राधिकरण का गठन
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के गृह विभाग ने 9 अप्रैल 2026 को समीक्षा प्राधिकरण के गठन की अधिसूचना जारी की थी। अब इसके अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति गौतम चौरडिया की नियुक्ति की गई है।
प्राधिकरण संबंधित मामलों में जांच के दौरान उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और जांच प्रक्रिया की समीक्षा करेगा। इसके बाद अभियोजन की स्वीकृति से जुड़े मामलों में राज्य सरकार को आवश्यक अनुशंसा दी जाएगी।
जस्टिस गौतम चौरडिया छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं और वर्तमान में राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का नेतृत्व कर रहे हैं।



