नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से भाजपा में बढ़ी कलह, कांग्रेस को मिलेगा फायदा: घनश्याम सिंह

दतिया। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी मुकाबला तेज हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अपनी जीत का भरोसा जताते हुए दावा किया है कि पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से भाजपा में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिलेगा।
टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में घनश्याम सिंह ने कहा कि अगर नरोत्तम मिश्रा चुनाव मैदान में होते तो मुकाबला ज्यादा दिलचस्प होता, लेकिन उनका टिकट कटने से कांग्रेस की राह आसान हो गई है।
भाजपा प्रत्याशी को बताया कमजोर
भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी पर निशाना साधते हुए घनश्याम सिंह ने कहा कि वह दतिया में ज्यादा परिचित चेहरा नहीं हैं। उनका दावा है कि जिले और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग उन्हें ठीक से नहीं जानते, इसलिए भाजपा की ओर से उन्हें बड़ी चुनौती नहीं मानते।
टिकट कटने के पीछे बताई अंदरूनी राजनीति
घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट पार्टी की अंदरूनी राजनीति का नतीजा है। उनके मुताबिक, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को आशंका थी कि यदि नरोत्तम मिश्रा चुनाव जीतकर आते हैं तो वे दोबारा कैबिनेट मंत्री बनने के साथ भविष्य में मुख्यमंत्री पद के भी दावेदार हो सकते हैं।
नरोत्तम समर्थकों से मिल रहा समर्थन
कांग्रेस उम्मीदवार ने दावा किया कि उन्होंने कभी नरोत्तम मिश्रा से संपर्क नहीं किया, लेकिन उनके कई समर्थक कांग्रेस के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर असंतोष है और इसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ सकता है।
डैमेज कंट्रोल की कोशिशों पर भी उठाए सवाल
घनश्याम सिंह ने कहा कि भाजपा को दतिया में नुकसान की आशंका के चलते डैमेज कंट्रोल करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के नेता भले ही औपचारिक रूप से भाजपा के साथ रहें, लेकिन कार्यकर्ताओं और समर्थकों का रुझान कांग्रेस की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत तय है और भाजपा की अंदरूनी खींचतान का लाभ उनकी पार्टी को मिलेगा।

