लोरमी में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, गिरफ्तारी नहीं होने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर सैकड़ों ग्रामीणों से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में लोरमी जनपद पंचायत के सभापति और जनपद सदस्य वेदराम पटेल के खिलाफ FIR दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस ने आरोपी को सत्तापक्ष का संरक्षण मिलने का आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और पुलिस प्रशासन ने कानून के मुताबिक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
‘मिस्टर मिंट’ ऐप के जरिए ठगी का आरोप
आरोप है कि ‘मिस्टर मिंट’ नाम के क्रिप्टो करेंसी ऐप के जरिए ग्रामीणों को निवेश पर छह महीने में रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया। बताया जा रहा है कि निवेशकों को रोजाना एक घंटे तक मोबाइल हिलाने का टास्क दिया जाता था। इस मामले में खुड़िया पुलिस चौकी में वेदराम पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी नहीं होने पर कांग्रेस ने घेरा
FIR दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि आरोपी सत्तापक्ष का करीबी है और उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते पुलिस कार्रवाई में देरी हो रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो इस मामले को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
हालांकि, राजनीतिक संरक्षण और पुलिस की निष्क्रियता से जुड़े ये आरोप कांग्रेस ने लगाए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कही कानून के मुताबिक कार्रवाई की बात
मामले को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत करने वाला कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता। उनके बयान के बाद अब मामले में कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
साइबर सेल भी जांच में जुटी, जल्द गिरफ्तारी का दावा
पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दबाव और संरक्षण के आरोपों को खारिज करते हुए जांच तेज करने की बात कही है। उप पुलिस अधीक्षक (DSP) माधुरी धीरही के मुताबिक, लोरमी थाने की टीम के साथ साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। मामले के तकनीकी पहलुओं सहित विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया है।
ठगी की रकम से संपत्ति खरीदने का भी आरोप
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि ठगी से प्राप्त रकम से कृषि भूमि, प्लॉट, पक्का मकान, सोने-चांदी के आभूषण और महंगी गाड़ियां खरीदी गईं। हालांकि, इन संपत्तियों और कथित ठगी की रकम के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल, इस मामले में कांग्रेस राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाकर सरकार को घेर रही है, जबकि मंत्री और पुलिस प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिला रहे हैं। अब सबकी नजरें पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।



