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अमेरिकी संसद पर डेमोक्रेट्स का कब्जा, ट्रंप की मुश्किलें बढ़ीं; भारत के व्यापार, वीजा और रक्षा संबंधों पर क्या होगा असर?

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को बड़ी सफलता मिली है। पार्टी ने संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के खिलाफ जनता के फैसले के तौर पर देखा जा रहा है। इस नतीजे के बाद ट्रंप प्रशासन के लिए कानून बनाने और अपनी नीतियों को आगे बढ़ाना पहले के मुकाबले मुश्किल हो सकता है। चुनाव परिणामों का असर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, H-1B वीजा और रक्षा सहयोग पर भी पड़ने की संभावना है।

दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स को बहुमत

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर हुए चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने 228 सीटें हासिल कीं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी को 139 सीटें मिलीं। वहीं, सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुआ। इनमें डेमोक्रेट्स ने 20 और रिपब्लिकन ने 13 सीटें जीतीं। चुनाव के बाद सीनेट में डेमोक्रेट्स के पास 54 और रिपब्लिकन के पास 44 सीटें हो गईं।

इस जीत के साथ डेमोक्रेट्स को संसद के दोनों सदनों में नियंत्रण मिल गया है। अब पार्टी को नए कानूनों, सरकारी खर्च और राष्ट्रपति के फैसलों की जांच के मामले में अधिक ताकत मिलेगी।

महंगाई और ईरान युद्ध बने चुनाव के बड़े मुद्दे

चुनाव में महंगाई, विदेशी सामान पर लगाए गए आयात शुल्क और ईरान के साथ अमेरिका के युद्ध जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। युद्ध के चलते ईंधन की कीमतों में तेजी आई, जिससे आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ा। मतदाताओं के एक बड़े वर्ग ने बढ़ती कीमतों के लिए ट्रंप प्रशासन को जिम्मेदार माना।

चुनाव से पहले ट्रंप ने मतदाताओं से अपील की थी कि वे इस चुनाव को ऐसे देखें, जैसे वह खुद मैदान में हों। इसके बावजूद डेमोक्रेट्स की जीत को उनकी नीतियों के प्रति जनता की नाराजगी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। मतदाता चाहते हैं कि संसद राष्ट्रपति के फैसलों पर निगरानी रखे और जरूरत पड़ने पर उन्हें चुनौती दे।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पड़ सकता है असर

अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार है। ऐसे में वहां टैरिफ यानी आयात शुल्क में होने वाले बदलाव का सीधा असर भारतीय निर्यातकों और कारोबारियों पर पड़ सकता है।

फरवरी में भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते का एक ढांचा पेश किया था। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका की ओर से 18 प्रतिशत जवाबी शुल्क लगाने की बात कही गई थी। हालांकि, बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की ओर से आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करके लगाए गए वैश्विक टैरिफ को रद्द कर दिया था। इसके बाद शुल्क घटकर शुरुआती 10 प्रतिशत के स्तर पर आ गया।

दोनों देशों के बीच अभी पूर्ण व्यापार समझौता नहीं हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में कहा था कि समझौता लगभग अंतिम चरण में है। संसद में डेमोक्रेट्स के बहुमत के बाद व्यापार से जुड़े फैसलों पर चर्चा और निगरानी बढ़ सकती है।

H-1B वीजा नियमों पर बढ़ सकती है बहस

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए H-1B वीजा एक अहम मुद्दा है। संसद में डेमोक्रेट्स का बहुमत होने से वीजा नियमों और ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर चर्चा तथा जांच तेज हो सकती है।

ट्रंप ने नए H-1B आवेदनों पर 1 लाख डॉलर की फीस लगाने का ऐलान किया था। हालांकि, संसद में डेमोक्रेट्स के बहुमत से यह फैसला अपने आप खत्म नहीं होगा। वीजा नियमों में बदलाव के लिए अलग प्रक्रिया और प्रशासनिक फैसलों की जरूरत होगी। इसलिए भारतीय पेशेवरों को तत्काल राहत मिलने की संभावना तय नहीं है।

रक्षा सहयोग पर भी रहेगी नजर

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग भी इस राजनीतिक बदलाव से प्रभावित हो सकता है। संसद में डेमोक्रेट्स की मजबूत स्थिति के बाद रक्षा समझौतों और दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों पर चर्चा बढ़ सकती है। हालांकि, विदेश नीति से जुड़े कई अहम अधिकार राष्ट्रपति के पास बने रहेंगे।

ट्रंप संसद से पारित किसी कानून को वीटो कर सकते हैं। इसके अलावा सीनेट के नियम भी डेमोक्रेट्स की ताकत को सीमित कर सकते हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी कहा था कि डेमोक्रेट्स के बहुमत वाली संसद ट्रंप के फैसलों को रोकने के लिए बहुत कुछ नहीं कर पाएगी।

कुल मिलाकर, अमेरिकी संसद में सत्ता का संतुलन बदलने से ट्रंप प्रशासन पर निगरानी बढ़ेगी। भारत के लिए व्यापार, H-1B वीजा और रक्षा सहयोग से जुड़े फैसलों पर नजर रखना अहम होगा। हालांकि, इस राजनीतिक बदलाव का असर तत्काल नीतिगत बदलाव के रूप में सामने आएगा, यह अभी तय नहीं है।

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Mahi Rajput

Content Writer (News) – 2.5 Years of Experience- Experienced in writing and editing news articles for digital news portals. - Skilled in writing breaking news, feature stories, and informative web content. - Strong fact-checking, research, and editing skills. - Able to meet daily publishing deadlines and produce high-quality content consistently.Social Media Management – 6 Months of Experience- Managed social media accounts and scheduled content. - Created engaging captions and post copies. - Planned and maintained content calendars. - Monitored audience engagement and responded to queries. - Coordinated with the content team to ensure consistent brand communication.

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