ट्रंप की पार्टी को चुनाव में झटका लगते ही भारतीय शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 1,700 अंक चढ़ा; निवेशकों को 8 लाख करोड़ का फायदा

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,700 अंकों से ज्यादा उछलकर 79,000 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी में करीब 500 अंकों की तेजी आई और यह 24,442 के स्तर को पार कर गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर 501 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
ट्रंप की पार्टी को चुनाव में झटका, बाजार को मिला सहारा
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त को भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में झटका लगा है। इससे ट्रंप के टैरिफ और व्यापार नीतियों पर नियंत्रण बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आसान हो सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिली राहत
शेयर बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही। कई सप्ताह बाद ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आया और गुरुवार सुबह 94 डॉलर के स्तर से भी नीचे कारोबार कर रहा था। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड की कीमत 87 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गई। पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले तेल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद
अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के समाप्त होने की उम्मीद भी बढ़ी है। ईरान के साथ युद्ध और अमेरिका-इजरायल संबंधों को लेकर अमेरिकी मतदाताओं की नाराजगी को रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन की एक वजह माना जा रहा है। डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने भी युद्ध जल्द खत्म करने की बात कही है। इससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और बाजार की स्थिरता को लेकर सकारात्मक माहौल बना है।
बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रुपये में मजबूती
कच्चे तेल की कीमतों में कमी के साथ अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट आई है। 30 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड घटकर 5.2 प्रतिशत, 10 साल के बॉन्ड की 4.8 प्रतिशत और 2 साल के बॉन्ड की 4.5 प्रतिशत रह गई। बॉन्ड यील्ड में गिरावट से निवेशकों के लिए शेयर बाजार अधिक आकर्षक बनता है।
वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया करीब 0.3 प्रतिशत मजबूत होकर 94.35 के स्तर पर पहुंच गया। यह दो सप्ताह का उच्चतम स्तर है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर की कमजोरी से रुपये को समर्थन मिला है।
इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी
सेंसेक्स में इंडिगो के शेयरों में 6 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 2 से 4 प्रतिशत तक की बढ़त रही।
व्यापक बाजार में भी खरीदारी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 1.5 प्रतिशत तक की तेजी आई। वहीं, इंडिया VIX करीब 2.5 प्रतिशत गिरकर 15 के नीचे आ गया। सेक्टर के लिहाज से ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त रही, जबकि फार्मा इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। NSE पर 2,468 शेयरों में तेजी, 313 में गिरावट और 55 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।



