नेपाल में बाढ़ से तबाही: 939 लोगों की मौत, 4 हजार से ज्यादा लापता; एक घर के मलबे से 24 शव मिले
26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद भोटेकोशी नदी में आया सैलाब; नेपाल-तिब्बत में भारी नुकसान, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

दिल्ली। नेपाल (Nepal) में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात बेहद भयावह बने हुए हैं। बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 939 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 हजार से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों और राहत टीमों का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
बताया गया है कि 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद भोटेकोशी नदी में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव आया। इससे रसुवा जिले समेत आसपास के निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही मची। बाढ़ के कारण कई कस्बे, सड़कें, पुल और पनबिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
एक घर के मलबे से 24 शव मिले
नुवाकोट जिले के भोटेकोशी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक मकान (Nepal) के मलबे से 24 शव बरामद किए गए। स्थानीय पुलिस के अनुसार, बरामद शवों में 13 महिलाएं, 11 पुरुष और एक बच्चा शामिल है। हादसे के बाद इलाके में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के 22 लोग लापता
बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 22 यात्री भी अब तक लापता बताए जा रहे हैं। रेस्क्यू टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। वहीं नेपाल के गजुरी गांव पालिका क्षेत्र में कई भारतीय पर्यटकों के फंसे होने की भी जानकारी सामने आई है।
भारत-नेपाल सीमा पर भी अलर्ट
नेपाल (Nepal) में बाढ़ के कारण उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों महराजगंज और कुशीनगर में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इस बीच नेपाल पुलिस ने त्रिशूली धुंगे स्थित कृषि विकास बैंक से करीब 1.5 करोड़ रुपए नकद और लगभग 50 करोड़ रुपए कीमत का सोना सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। बाढ़ के बाद नेपाल के कई इलाकों में लोग अपने उजड़े घरों को दोबारा व्यवस्थित करने और मलबा हटाने में जुटे हैं।



