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ऑस्ट्रिया के पते पर भेजा गया ध्रुव राठी का वारंट, अब दिल्ली कोर्ट ने गुरुग्राम के पते पर फिर जारी किया जमानती वारंट

नई दिल्ली-यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ साल 2018 के मानहानि मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने एक बार फिर जमानती वारंट जारी किया है। पहले जारी वारंट ऑस्ट्रिया के पते पर भेजे गए थे, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में गुरुग्राम का पता दिया गया था। अब अदालत ने नए सिरे से वारंट जारी करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।

नई दिल्ली। यूट्यूबर ध्रुव राठी एक बार फिर 2018 के मानहानि मामले को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने इस मामले में उनके खिलाफ दोबारा जमानती वारंट जारी किया है। इस बार वारंट भेजने के पते को लेकर मामला सामने आया है। अदालत को बताया गया कि पहले जारी किए गए वारंट ऑस्ट्रिया के पते पर भेजे गए थे, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से ध्रुव राठी का गुरुग्राम स्थित पता दिया गया था।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, साकेत कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता विकास सांस्कृत्यायन के वकील ने अदालत को बताया कि ध्रुव राठी भारत छोड़कर विदेश जा चुके हैं और फिलहाल देश से बाहर रह रहे हैं। इसके बाद अदालत ने नए सिरे से जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई के लिए 23 नवंबर की तारीख तय की।

2018 के यूट्यूब वीडियो से शुरू हुआ था विवाद

यह पूरा मामला मई 2018 में ध्रुव राठी के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो से जुड़ा है। वीडियो का नाम ‘BJP IT Cell Part II’ था। इसमें ध्रुव राठी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी आईटी सेल से जुड़े कुछ लोगों ने विकास सांस्कृत्यायन को उन्हें बदनाम करने के लिए पैसे देने की कोशिश की थी।

विकास सांस्कृत्यायन ने इन आरोपों को गलत बताते हुए ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि वीडियो में उनके बारे में गलत बातें कही गईं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

इस वीडियो को उस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद विवाद और बढ़ गया था। शिकायतकर्ता ने इस मामले में ध्रुव राठी के साथ अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।

अरविंद केजरीवाल ने मानी थी वीडियो शेयर करने की गलती

मामले में अरविंद केजरीवाल का नाम भी सामने आया था। शिकायतकर्ता की ओर से उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। बाद में केजरीवाल ने अदालत में वीडियो साझा करने को अपनी गलती माना था।

इसके बाद उनके खिलाफ मामले की कार्यवाही अलग तरीके से आगे बढ़ी, जबकि वीडियो बनाने और अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करने को लेकर ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई जारी रही।

2019 में जारी हुआ था पहला समन

अदालत ने 23 जुलाई 2019 को पहली बार ध्रुव राठी को पेश होने के लिए समन जारी किया था। हालांकि, उनके विदेश में रहने के कारण समन पहुंचाने की प्रक्रिया में बार-बार दिक्कतें आईं।

शिकायतकर्ता की ओर से 12 अक्टूबर को मामले में जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। इस दौरान वकील ने अदालत को बताया था कि ध्रुव राठी जर्मनी में रहते हैं और उस समय CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत आए थे। इसी दौरान अदालत में गुरुग्राम के सेक्टर-56 का पता भी दिया गया था।

अब 23 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

पहले जारी किए गए वारंट ऑस्ट्रिया के पते पर भेजे जाने और उन पर कार्रवाई नहीं हो पाने के बाद अदालत ने दोबारा जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। अब इस मामले में 23 नवंबर को अगली सुनवाई होगी।

फिलहाल, अदालत की कार्यवाही में वारंट की तामील और ध्रुव राठी की पेशी से जुड़ा घटनाक्रम अहम बना हुआ है। आठ साल पुराने इस मानहानि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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