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रेलवे की नई सुविधा से बदलेगा पार्सल भेजने का तरीका, रायपुर में मोबाइल ऐप से घर बैठे होगी बुकिंग

Raipur News: अब रेलवे से पार्सल भेजने के लिए स्टेशन के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी से छुटकारा मिल सकता है। भारतीय रेलवे अपनी पार्सल सेवा को आधुनिक बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत जल्द ही ‘रेल पार्सल ऐप- घर से घर तक’ की सुविधा शुरू की जाएगी। इस ऐप के जरिए ग्राहक मोबाइल से ही पार्सल की बुकिंग कर सकेंगे। इतना ही नहीं, घर से पार्सल पिकअप कराने से लेकर गंतव्य तक पहुंचाने और प्राप्तकर्ता के घर डिलीवरी कराने की सुविधा भी मिलेगी। रेलवे की इस पहल से रायपुर और बिलासपुर के लोगों को भी आने वाले समय में फायदा मिलने की उम्मीद है।

इस नई व्यवस्था का मकसद पार्सल परिवहन को आसान, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। अभी तक रेलवे से सामान भेजने के लिए ग्राहकों को स्टेशन जाकर बुकिंग की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। कई बार कागजी औपचारिकताओं और सामान जमा करने में भी समय लगता है। नई सुविधा लागू होने के बाद इन प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाया जाएगा। इससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों, किसानों और ई-कॉमर्स से जुड़े कारोबारियों को भी राहत मिल सकती है।

मोबाइल ऐप से घर बैठे होगी पार्सल की बुकिंग

रेलवे की प्रस्तावित सुविधा के तहत ग्राहक अपने मोबाइल नंबर से ऐप पर पंजीकरण कर सकेंगे। इसके बाद पार्सल का विवरण, प्रस्थान स्टेशन और गंतव्य स्टेशन दर्ज करके बुकिंग की जा सकेगी। ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार डिलीवरी पार्टनर भी चुन सकेंगे।

यह ऐप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा ग्राहक वेबसाइट के माध्यम से भी इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। यानी पार्सल भेजने के लिए अब हर बार रेलवे स्टेशन पहुंचना जरूरी नहीं होगा।

खास बात यह है कि इस पूरी व्यवस्था में भारतीय रेलवे के साथ निजी लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी भागीदार होंगी। ये कंपनियां ग्राहक के घर से सामान उठाने और गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने के बाद प्राप्तकर्ता तक डिलीवरी करने में मदद करेंगी।

पहले आठ बड़े शहरों में शुरू होगी सुविधा, फिर रायपुर-बिलासपुर की बारी

रेलवे की योजना के मुताबिक, इस सेवा को शुरुआती चरण में देश के आठ प्रमुख शहरों में लागू किया जाएगा। इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे शामिल हैं।

इसके बाद धीरे-धीरे इस सुविधा का विस्तार दूसरे शहरों में किया जाएगा। इसी योजना के तहत आने वाले समय में रायपुर और बिलासपुर में भी रेल पार्सल ऐप की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है।

इससे छत्तीसगढ़ के लोगों को रेलवे के जरिए सामान भेजने में आसानी हो सकती है। खासकर उन लोगों को फायदा मिलेगा, जिन्हें दूसरे शहरों में घरेलू सामान, व्यापारिक उत्पाद या अन्य जरूरी वस्तुएं भेजनी होती हैं।

घर से पिकअप और गंतव्य तक डिलीवरी की मिलेगी सुविधा

रेलवे की नई व्यवस्था में पार्सल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए तीन चरण निर्धारित किए गए हैं।

पहला चरण – फर्स्ट माइल: इस चरण में लॉजिस्टिक्स कंपनी ग्राहक के घर या प्रतिष्ठान से पार्सल उठाकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाएगी। यानी ग्राहक को खुद सामान लेकर स्टेशन जाने की जरूरत नहीं होगी, यदि वह पिकअप सेवा चुनता है।

दूसरा चरण – मिडिल माइल: इस चरण में भारतीय रेलवे की जिम्मेदारी होगी। रेलवे पार्सल को ट्रेन के जरिए निर्धारित गंतव्य स्टेशन तक पहुंचाएगा।

तीसरा चरण – लास्ट माइल: गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने के बाद लॉजिस्टिक्स पार्टनर पार्सल को उठाकर सीधे प्राप्तकर्ता के घर या बताए गए पते तक पहुंचाएगा।

हालांकि, घर से पिकअप और घर तक डिलीवरी दोनों सुविधाएं वैकल्पिक होंगी। ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार इनका चुनाव कर सकेंगे। पार्सल भेजने से पहले सामान को मजबूत डिब्बे, ट्रंक, टोकरी या बोरी में सुरक्षित तरीके से पैक करना होगा।

कागजी कार्रवाई से मिलेगी राहत, डिजिटल रसीद से होगा काम

रेलवे की इस नई सुविधा की एक बड़ी खासियत इसकी डिजिटल प्रक्रिया होगी। अभी पार्सल बुकिंग में ग्राहकों को कई तरह की औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। नई व्यवस्था में ऐप पर दर्ज बुकिंग का विवरण ही डिजिटल फॉरवर्डिंग नोट के रूप में मान्य होगा।

रेल यात्रा वाले हिस्से के लिए भौतिक पार्सल वे-बिल की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह डिजिटल रसीद और ओटीपी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

भुगतान की प्रक्रिया भी आसान बनाई जाएगी। रेल भाड़ा, पिकअप और डिलीवरी शुल्क के साथ अन्य वैकल्पिक सेवाओं का भुगतान एक ही लेन-देन में किया जा सकेगा। इसके लिए यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल माध्यम उपलब्ध होंगे।

ऐप पर ग्राहक पिकअप के लिए उपलब्ध समय-स्लॉट भी देख सकेंगे। इसके अलावा पैकिंग और भंडारण जैसी अतिरिक्त सेवाएं लेने का विकल्प भी दिया जाएगा।

रायपुर से हर दिन 1100 से अधिक पार्सल की बुकिंग

रायपुर में रेलवे पार्सल सेवा का इस्तेमाल पहले से ही बड़ी संख्या में लोग और कारोबारी करते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर रेलवे पार्सल के माध्यम से हर दिन औसतन करीब 435 सामान की बुकिंग होती है। वहीं लीज कंपनी के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 650 पार्सल बुक किए जाते हैं।

इस तरह रायपुर से रोजाना 1100 से अधिक पार्सल की बुकिंग होने का अनुमान है। इनसे रेलवे को हर महीने करीब 26 लाख रुपये की अनुमानित आय प्राप्त होती है। वहीं रायपुर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पार्सल सेवा से 7.44 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है।

हालांकि, इन आंकड़ों के संबंध में पार्सल से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी एसीएम शेषमणि पांडेय से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही।

छोटे व्यापारियों और किसानों को भी होगा फायदा

रेलवे की इस सुविधा का लाभ सिर्फ आम यात्रियों या घरेलू सामान भेजने वालों तक सीमित नहीं रहेगा। छोटे व्यापारियों, किसानों और ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए भी यह उपयोगी साबित हो सकती है।

समय और मेहनत की बचत: घर बैठे बुकिंग और वैकल्पिक पिकअप सुविधा से स्टेशन जाने की जरूरत कम होगी।

किफायती परिवहन: रेल के माध्यम से सामान भेजने का विकल्प छोटे कारोबारियों के लिए उपयोगी हो सकता है।

डिजिटल पारदर्शिता: बुकिंग, भुगतान और रसीद की प्रक्रिया ऑनलाइन होने से जानकारी एक जगह उपलब्ध रहेगी।

घर तक डिलीवरी: गंतव्य स्टेशन से सीधे प्राप्तकर्ता के पते तक सामान पहुंचाने का विकल्प मिलेगा।

पर्यावरण के लिहाज से बेहतर: सड़क परिवहन की तुलना में रेल माल परिवहन अधिक ऊर्जा-कुशल विकल्प हो सकता है।

कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे की ‘रेल पार्सल ऐप- घर से घर तक’ योजना पार्सल भेजने की पारंपरिक व्यवस्था को बदल सकती है। रायपुर और बिलासपुर में यह सुविधा शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन शहरों में सेवा शुरू होने की तारीख और उपलब्धता को लेकर अभी इंतजार करना होगा।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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