ओटीटी से हटाई गई दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर भड़कीं नीरू बाजवा, बोलीं- जनता को सच जानने का हक

दिल्ली। पंजाबी अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री नीरू बाजवा भी इस मामले में खुलकर सामने आई हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट साझा करते हुए कहा कि किसी भी फिल्म को हटाने के पीछे की वजह जनता के सामने साफ-साफ रखी जानी चाहिए। उनका कहना है कि दर्शकों को सच जानने और अपनी राय बनाने का पूरा अधिकार है।
‘पंजाब 95’ नाम से रिलीज होने वाली थी फिल्म
दरअसल, यह फिल्म पहले ‘पंजाब 95’ नाम से रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड से जुड़े विवादों के चलते करीब तीन साल तक अटकी रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म पर 127 कट लगाने की बात सामने आई थी।
बाद में निर्माताओं ने इसे सिनेमाघरों की बजाय 3 जुलाई को बिना किसी कट के ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया। हालांकि रिलीज के महज दो दिन बाद ही फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सुरक्षा कारणों से केंद्र सरकार के निर्देश पर फिल्म को अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं रखने का फैसला लिया गया।
नीरू बाजवा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा
फिल्म हटाए जाने के बाद नीरू बाजवा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि उन्होंने ‘सतलुज’ देखी है और यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि इसे बनाने वालों के वर्षों की मेहनत, जुनून और सच्चाई की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि बिना किसी जवाबदेही के किसी फिल्म की आवाज को दबा देना सही नहीं है।
नीरू ने आगे लिखा कि लोग किसी फिल्म का समर्थन करें या उसकी आलोचना, यह फैसला दर्शकों पर छोड़ देना चाहिए। उनसे यह अधिकार छीनना गलत है। यदि किसी फिल्म को रोका जाता है, तो उसकी वजह भी पारदर्शी तरीके से बताई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को सच जानने का पूरा हक है और खामोशी किसी सवाल का जवाब नहीं हो सकती।
कहानियों को लोगों से छिपाया नहीं जाना चाहिए
अपने बयान के अंत में नीरू बाजवा ने कहा कि पंजाब की कहानियों को लोगों से छिपाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने निष्पक्षता, पारदर्शिता और अभिव्यक्ति की आजादी की वकालत करते हुए कहा कि लोगों की आवाज और उनकी कहानियां मायने रखती हैं। फिल्म को हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है और कई कलाकार व दर्शक इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।

