BJP में मंच पर सीट को लेकर विवाद: राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने विधायक पर लगाया जातिगत भेदभाव का आरोप

दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने अपनी ही पार्टी के विधायक अभिमन्यु पवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कुलकर्णी का दावा है कि उन्हें कार्यक्रम की पहली पंक्ति में बैठने से केवल इसलिए रोका गया क्योंकि वह ब्राह्मण समुदाय से हैं। हालांकि विधायक अभिमन्यु पवार ने इन आरोपों को गलतफहमी बताते हुए जातिगत भेदभाव से साफ इनकार किया है।
यह विवाद उस कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल मराठा समुदाय के उम्मीदवारों का सम्मान किया जा रहा था। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे।
मेधा कुलकर्णी (BJP) ने आरोप लगाया कि प्रोटोकॉल के अनुसार सांसद होने के नाते उन्हें पहली पंक्ति में बैठने का अधिकार था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने भी यही बात बताई थी, लेकिन विधायक अभिमन्यु पवार ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि कार्यक्रम मराठा समुदाय का है और उनके पहली पंक्ति में बैठने से विवाद हो सकता है। कुलकर्णी का कहना है कि इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम छोड़ दिया।
वहीं विधायक अभिमन्यु पवार ने आरोपों को खारिज (BJP) करते हुए कहा कि मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनके अनुसार, उन्होंने केवल इतना कहा था कि अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक पिछड़ा विकास महामंडल के अध्यक्ष नरेंद्र पाटिल को पहली पंक्ति में बैठाया जाए, जबकि सांसद और विधायक दूसरी पंक्ति में बैठ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में जाति का कोई सवाल नहीं था।
इस घटना के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। विपक्ष ने मामले पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है, जबकि भाजपा के भीतर भी इस विवाद को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

