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सिर्फ सोनोग्राफी करने से डॉक्टर नहीं बनेंगे POCSO के आरोपी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डॉक्टरों की कानूनी जिम्मेदारी को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा है कि सिर्फ किसी नाबालिग की सोनोग्राफी करने भर से डॉक्टर पर POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती। जब तक यह साबित न हो कि डॉक्टर को यौन अपराध की जानकारी थी या उसके बारे में उचित आशंका थी, तब तक उसे सूचना नहीं देने का आरोपी नहीं बनाया जा सकता।

हाईकोर्ट ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई रद्द की

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने राजनांदगांव की रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आरती उइके के खिलाफ दायर पूरक चार्जशीट और डोंगरगढ़ की विशेष अदालत के संज्ञान आदेश को रद्द कर दिया।

क्या था पूरा मामला?

मामला राजनांदगांव जिले के बोरतलाव थाना क्षेत्र का है। यहां 15 साल की एक किशोरी आठ महीने की गर्भवती पाई गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान किशोरी की सोनोग्राफी करने वाली डॉक्टर को भी आरोपी बना दिया गया। पुलिस का कहना था कि डॉक्टर ने मामले की जानकारी पुलिस को नहीं दी।

डॉक्टर ने कोर्ट में क्या कहा?

डॉ. आरती उइके ने अदालत में कहा कि उन्होंने केवल अपनी चिकित्सकीय जिम्मेदारी निभाई थी। उन्होंने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया और रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि उन्हें पता था कि गर्भावस्था किसी यौन अपराध का नतीजा है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने कहा कि POCSO एक्ट की धारा-19 के तहत सूचना देने की जिम्मेदारी तभी बनती है, जब किसी व्यक्ति को अपराध की वास्तविक जानकारी हो या ऐसी परिस्थितियां हों, जिनसे अपराध का स्पष्ट संदेह हो। सिर्फ गर्भावस्था का पता चलना या सोनोग्राफी करना इस बात का सबूत नहीं है कि डॉक्टर को यौन अपराध की जानकारी थी।

मुख्य आरोपी पर कार्रवाई जारी रहेगी

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले का असर मुख्य आरोपी पर नहीं पड़ेगा। उसके खिलाफ POCSO के तहत चल रही कानूनी कार्रवाई और ट्रायल पहले की तरह जारी रहेगा।

यह फैसला डॉक्टरों की कानूनी जिम्मेदारी की सीमा तय करता है। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ अनुमान के आधार पर किसी डॉक्टर को आपराधिक मामले में आरोपी नहीं बनाया जा सकता। अगर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करनी है, तो यह साबित करना होगा कि उसे यौन अपराध की वास्तविक जानकारी थी या उसके पर्याप्त संकेत मौजूद थे।

 

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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