मंदिर की थ्री-लेयर सिक्योरिटी तोड़कर पन्ने की मूर्ति चोरी: CCTV पर पेंट स्प्रे किया, अलार्म के तार काटे; भक्त बनकर रेकी का शक

चेन्नई। तमिलनाडु में चेन्नई से करीब 60 किलोमीटर दक्षिण मदुरंतकम के पास एक पहाड़ी मंदिर से भगवान मुरुगन (Lord Murugan) की बेशकीमती पन्ने की मूर्ति चोरी हो गई। वारदात मंगलवार देर रात पेरुंगकरनई गांव स्थित श्री मरगथा बाला दंडायुधपाणि मुरुगन मंदिर में हुई। इस मंदिर को भक्त ‘नाडू पलानी’ के नाम से भी जानते हैं। चोरों ने मंदिर की तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को पार किया और गर्भगृह में रखी मुख्य मूर्ति लेकर फरार हो गए।
2.25 फीट ऊंची है पन्ने की मूर्ति
चोरी हुई भगवान मुरुगन की मूर्ति करीब 2.25 फीट ऊंची बताई गई है और यह पूरी (Lord Murugan) तरह पन्ने से बनी है। इसे मैसूर से लाकर वर्ष 2008 में मंदिर में स्थापित किया गया था। मूर्ति की बेशकीमती धातु और धार्मिक महत्व को देखते हुए मंदिर में सुरक्षा के लिए कई इंतजाम किए गए थे।
तीन दरवाजे पार कर गर्भगृह तक पहुंचे
पुलिस के मुताबिक गर्भगृह तक पहुंचने वाले रास्ते को तीन मजबूत सुरक्षा दरवाजों और लोहे के शटर से सुरक्षित किया गया था। मंदिर में घुसपैठ की स्थिति में अलार्म बजने की व्यवस्था थी। इसके अलावा मंदिर परिसर के महत्वपूर्ण हिस्सों में CCTV कैमरे लगाए गए थे। इसके बावजूद चोरों ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को निष्क्रिय कर दिया।
अलार्म के कनेक्शन काटे, कैमरों पर पेंट किया
जांच में सामने आया कि चोरों ने पहले सिक्योरिटी अलार्म के कनेक्शन काट दिए। इसके बाद CCTV कैमरों पर पेंट स्प्रे कर दिया, ताकि उनकी गतिविधियां कैमरों में रिकॉर्ड न हो सकें। इसके बाद मूर्ति को उसके चबूतरे से हटाकर चोर रात करीब 1:30 बजे मंदिर से फरार हो गए।
पीछे की विशाल मूर्ति से चढ़कर पहुंचे
पुलिस को आशंका है कि चोर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से अच्छी तरह परिचित थे। शुरुआती जांच के मुताबिक वे मंदिर के पीछे बनी एक विशाल मूर्ति पर चढ़कर पिछले दरवाजे तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सुरक्षा के तीनों स्तरों को पार किया और गर्भगृह तक पहुंच गए।
भक्त बनकर रेकी करने का शक
जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे पुलिस (Lord Murugan) को शक है कि चोरों ने पहले मंदिर की रेकी की थी। जांचकर्ताओं का मानना है कि आरोपी भक्तों के भेष में मंदिर आते रहे होंगे और इसी दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, CCTV कैमरों और अलार्म सिस्टम की जानकारी जुटाई होगी।
रात में सिर्फ एक गार्ड था
घटना के समय मंदिर में रात की सुरक्षा के लिए सिर्फ एक सिक्योरिटी गार्ड मौजूद था। वह ग्राउंड फ्लोर पर गश्त कर रहा था। इसी दौरान आरोपी ऊपर पहुंचकर चोरी को अंजाम देने में सफल रहे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
सुबह पुजारी और एडमिनिस्ट्रेटर को पता चला
चोरी का खुलासा बुधवार सुबह हुआ। पुजारी और मंदिर के एडमिनिस्ट्रेटर जब मंदिर पहुंचे तो गर्भगृह से मूर्ति गायब मिली। इसके बाद उन्होंने तुरंत चिथामुर पुलिस को सूचना दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मंदिर का निरीक्षण किया।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
पुलिस के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञों ने भी मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। आरोपियों का सुराग लगाने के लिए स्निफर डॉग की मदद ली गई। पुलिस ने चोरी की जांच और मूर्ति की बरामदगी के लिए दो विशेष टीमें बनाई हैं।
अंदर के व्यक्ति की भूमिका की भी जांच
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या चोरी के पीछे कोई अंतर-राज्यीय गिरोह या संगठित मूर्ति तस्करी नेटवर्क है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि मंदिर के पुजारी पिछली रात अलार्म चालू करना भूल गए थे। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बना रही है। फिलहाल आरोपियों की तलाश और चोरी हुई पन्ने की मूर्ति की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।



