यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: फ्रांस में राहत पाने नदी में उतरे 40 लोगों की डूबने से मौत, कई शहरों में टूटा तापमान का रिकॉर्ड

फ्रांस समेत यूरोप के कई देशों में पड़ रही भीषण गर्मी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। गर्मी से संबंधित घटनाओं में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तेज गर्मी से राहत पाने के लिए असुरक्षित स्थानों पर नदी में उतरे करीब 40 लोगों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में बड़ी संख्या युवाओं की बताई जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में अब तक की सबसे गर्म रात दर्ज किए जाने के बाद सरकार ने आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में लोगों को गर्मी से बचाने और सुरक्षा उपायों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए।
फ्रांसीसी अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में हुई कई मौतें सीधे तौर पर हीटवेव से जुड़ी परिस्थितियों में हुई हैं। अधिकारियों ने बिना अनुमति या असुरक्षित स्थानों पर तैराकी करने से बचने की अपील की है और इसे गंभीर सुरक्षा मुद्दा बताया है।
दक्षिण-पूर्वी फ्रांस के कारपेंट्रास क्षेत्र में दो और चार वर्ष की उम्र के दो बच्चों की मौत की भी सूचना है। दोनों बच्चे एक कार में बेहोश पाए गए थे और प्रारंभिक जांच में हीट स्ट्रोक को मौत की संभावित वजह माना गया है।
इसके अलावा, बोर्डो क्षेत्र में गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण 80 से 95 वर्ष आयु वर्ग के तीन बुजुर्गों की भी मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक तापमान बुजुर्गों और बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है।
मौसम एजेंसी ने बताया कि सोमवार और मंगलवार की रातें 1947 के बाद से फ्रांस की सबसे गर्म रातों में दर्ज की गईं। देश का औसत तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, जिससे कई पुराने रिकॉर्ड टूट गए।
बोर्डो, पोइटियर्स और अन्य कई शहरों में तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है। कई इलाकों में स्कूलों का समय बदला गया है या उन्हें अस्थायी रूप से बंद किया गया है ताकि छात्रों को गर्मी से बचाया जा सके।
मौसम विभाग ने फ्रांस के 54 क्षेत्रों के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण यूरोप में अत्यधिक गर्मी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे भविष्य में ऐसे संकट और गंभीर हो सकते हैं।

