सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: एक दिन में सोना ₹2,100 और चांदी ₹7,300 सस्ती

घरेलू और वैश्विक बाजारों में मंगलवार को सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सोना करीब ₹2,100 टूटकर ₹1,46,010 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी ₹7,300 की गिरावट के साथ ₹2,27,010 प्रति किलोग्राम पर आ गई। इस तेज बिकवाली का असर गोल्ड और सिल्वर ETF पर भी देखने को मिला, जो लाल निशान में बंद हुए।
दोपहर 2:40 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, सोने में 1.42% की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान यह एक समय ₹1,45,510 प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया था। वहीं चांदी में 3% से अधिक की गिरावट आई और यह ₹2,25,666 प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गई।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख माना जा रहा है। फेड की ओर से महंगाई पर नियंत्रण के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी संभव है, जबकि कुछ संस्थानों ने 2026 में भी कई बार दरें बढ़ने का अनुमान जताया है।
ब्याज दरें बढ़ने की संभावना से निवेशक सोने-चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों से पैसा निकालकर सरकारी बॉन्ड्स और अन्य निश्चित आय वाले साधनों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके चलते कीमती धातुओं में मुनाफावसूली बढ़ गई है।
इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी सोने-चांदी पर दबाव बना रही है। डॉलर मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे वैश्विक मांग कमजोर पड़ती है और कीमतों में गिरावट आती है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति के संकेत मिलने से निवेशकों की सुरक्षित निवेश वाली मांग घटी है। भू-राजनीतिक जोखिम कम होने पर निवेशक आमतौर पर सोने जैसे ‘सेफ हेवन’ निवेश से दूरी बनाकर शेयर बाजार और अन्य जोखिम वाले एसेट्स की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।

