नई पीढ़ी के लिए निवेश बना सोना, घर, पढ़ाई और कारोबार के लिए बेच रहे पुराने गहने

नई पीढ़ी अब सोने को सिर्फ गहनों के रूप में नहीं, बल्कि एक निवेश के तौर पर भी देख रही है। कई युवा परिवारों से मिली पुरानी ज्वेलरी बेचकर घर खरीदने, पढ़ाई, कारोबार शुरू करने और दूसरे निवेश कर रहे हैं।
मुंबई के एक दंपती ने विरासत में मिली सोने की ज्वेलरी बेचकर करीब 20 लाख रुपये जुटाए। इस पैसे से उन्होंने अपने नए घर की डाउन पेमेंट बढ़ाई, जिससे उनकी हर महीने की होम लोन ईएमआई भी कम हो गई।
ज्वेलरी कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आज के युवा पुरानी ज्वेलरी को लॉकर में रखने के बजाय उसका बेहतर इस्तेमाल करना चाहते हैं। कई लोग पुराने गहनों को नई डिजाइन की ज्वेलरी से एक्सचेंज भी करा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बड़ी मात्रा में सोना घरों और बैंक लॉकरों में रखा है, लेकिन अब धीरे-धीरे गोल्ड रीसाइक्लिंग का चलन बढ़ रहा है। पिछले कुछ समय में सोने के गहनों की मांग घटी है, जबकि गोल्ड बार, गोल्ड कॉइन और अन्य निवेश विकल्पों में लोगों की रुचि बढ़ी है।
कई परिवारों ने पुराना सोना बेचकर बच्चों की विदेश में पढ़ाई, नया कारोबार शुरू करने और शेयर बाजार में निवेश जैसे बड़े फैसले लिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शादी और पारिवारिक परंपराओं में सोने की अहमियत आगे भी बनी रहेगी, लेकिन नई पीढ़ी अब इसे केवल गहना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत आर्थिक संपत्ति के रूप में देख रही है।

