20% गिर चुका HDFC Bank का शेयर, क्या अब निवेश का सही मौका? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

इस साल HDFC Bank का शेयर दबाव में रहा है और 2026 में अब तक करीब 20 प्रतिशत गिर चुका है। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या मौजूदा स्तर पर खरीदारी का मौका है या बैंक के सामने अभी भी कुछ बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।
पिछले कुछ महीनों में बैंक को नेतृत्व और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों का सामना करना पड़ा, जिसका असर निवेशकों की धारणा और बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) जैसे प्रमुख वित्तीय संकेतकों पर भी देखने को मिला। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि गवर्नेंस से जुड़ी अधिकांश अनिश्चितताएं अब काफी हद तक कम हो चुकी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अब HDFC Bank के शेयर की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका NIM में सुधार की होगी। फिलहाल बैंक का NIM करीब 3.4 प्रतिशत है, जबकि विलय से पहले यह 4 प्रतिशत से अधिक था। यदि आने वाले समय में मार्जिन में सुधार होता है, तो शेयर का वैल्यूएशन बेहतर हो सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि बैंक फिलहाल बैलेंस शीट मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। इसके तहत डिपॉजिट बढ़ाने, लोन-टू-डिपॉजिट अनुपात (LDR) संतुलित रखने और जोखिम के अनुरूप बेहतर रिटर्न वाली रणनीति अपनाई जा रही है। साथ ही, बैंक आक्रामक लोन वितरण की बजाय गुणवत्ता पर अधिक जोर दे रहा है।
एसेट क्वालिटी को लेकर भी विशेषज्ञ आश्वस्त हैं। उनका मानना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता मजबूत बनी हुई है। बैंक ऑपरेशनल एफिशिएंसी, टेक्नोलॉजी में निवेश और क्रेडिट कॉस्ट पर नियंत्रण के जरिए रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) में सुधार करने की दिशा में काम कर रहा है।
निवेश को लेकर विशेषज्ञों की राय थोड़ी अलग है। कुछ का मानना है कि यदि अगले दो वर्षों में NIM सामान्य स्तर पर लौटता है, तो मौजूदा कीमतें लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर हो सकती हैं। वहीं, कुछ विशेषज्ञ फिलहाल नए निवेश के लिए अन्य बड़े निजी बैंकों को बेहतर विकल्प मानते हैं और HDFC Bank में पहले से निवेश करने वालों को शेयर होल्ड करने की सलाह देते हैं।
पिछले एक साल में HDFC Bank का शेयर करीब 20 प्रतिशत गिरा है, हालांकि बीते एक महीने में इसमें लगभग 6 प्रतिशत की रिकवरी दर्ज की गई है। अब निवेशकों की नजर बैंक की डिपॉजिट ग्रोथ, NIM में सुधार, क्रेडिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी जैसे प्रमुख संकेतकों पर रहेगी, जो आने वाले समय में शेयर की दिशा तय कर सकते हैं।

