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भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते से भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों को मिलेगा बड़ा अवसर, EV निर्यात को बढ़ावा

नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच होने जा रहे मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए ब्रिटेन का बाजार और अधिक खुलने वाला है। इस समझौते के लागू होने के बाद भारतीय कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्यात में विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।

मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और टाटा मोटर्स जैसी प्रमुख कंपनियां ब्रिटेन के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की संभावनाओं का अध्ययन कर रही हैं। दोनों देशों के बीच यह समझौता 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है, जिससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

ब्रिटेन बनेगा भारतीय EV का बड़ा बाजार

समझौते के तहत भारत में निर्मित इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन चालित यात्री वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। यह सुविधा समझौते के छठे वर्ष से शुरू होगी और तय कोटा प्रणाली के तहत लागू होगी।

महिंद्रा एंड महिंद्रा का मानना है कि यह समझौता भारतीय इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। वहीं मारुति सुजुकी ने कहा कि उसकी इलेक्ट्रिक एसयूवी ई-विटारा पहले ही यूरोपीय बाजारों में भेजी जा रही है और ब्रिटेन उसके प्रमुख बाजारों में शामिल है।

टाटा मोटर्स ने भी जताई उम्मीद

टाटा मोटर्स के अनुसार यह समझौता भारत और ब्रिटेन के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देगा। कंपनी का मानना है कि इससे भारत में बने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ब्रिटेन में नए निर्यात अवसर खुलेंगे।

क्या है समझौते की खास बात?

समझौते के तहत 80,000 पाउंड तक कीमत वाले भारतीय इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन वाहनों को निर्धारित कोटा के भीतर ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त निर्यात की अनुमति मिलेगी।

  • छठे वर्ष में 17,600 वाहनों के निर्यात की अनुमति होगी।
  • 15वें वर्ष तक यह कोटा बढ़कर 88,000 वाहन प्रतिवर्ष हो जाएगा।
  • 80,000 पाउंड से अधिक कीमत वाले वाहनों को शुल्क छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

विशेषज्ञों की राय

जानकारों का मानना है कि यह समझौता भारतीय ऑटो उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही भारत को दुनिया के प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्यातक देशों की श्रेणी में पहुंचाने में भी मदद करेगा।

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