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लखनऊ MLC चुनाव में ज्योतिषाचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा की पत्नी की हार, 300 वोट भी नहीं मिले

लखनऊ खंड स्नातक विधान परिषद (MLC) चुनाव में ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा की पत्नी स्मिता मिश्रा को हार का सामना करना पड़ा। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहीं स्मिता को 300 वोट भी नहीं मिले। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर ज्योतिषाचार्य को लेकर तंज कसे जा रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि दूसरों का भविष्य बताने वाले ज्योतिषाचार्य अपनी पत्नी की चुनावी संभावनाओं का अनुमान क्यों नहीं लगा सके।

कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय लड़ा चुनाव

स्मिता मिश्रा 28 सितंबर 2026 को कांग्रेस में शामिल हुई थीं। उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें लखनऊ खंड स्नातक MLC चुनाव में उम्मीदवार बनाएगी, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए काफी मेहनत की और स्नातकों, युवाओं तथा शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश की। प्रचार अभियान के दौरान अखबारों में पूरे पन्ने के विज्ञापन भी प्रकाशित कराए गए।

स्मिता को नव युवक दल, करणी सेना और स्थानीय ब्रह्म समाज समेत कई सामाजिक संगठनों का समर्थन मिलने की बात भी सामने आई। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद उन्हें पर्याप्त वोट नहीं मिले।

सोशल मीडिया पर ज्योतिषाचार्य को लेकर तंज

आचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा अपनी भविष्यवाणियों को लेकर चर्चा में रहते हैं। उनकी वेबसाइट पर नेल्सन मंडेला की रिहाई, सोवियत संघ के विघटन और 11 सितंबर के आतंकी हमलों जैसी घटनाओं से जुड़ी भविष्यवाणियों का उल्लेख किया गया है। स्मिता की चुनावी हार के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब ज्योतिषाचार्य दूसरों के भविष्य के बारे में बताते हैं, तो उन्हें अपनी पत्नी की चुनावी स्थिति का अंदाजा क्यों नहीं हुआ।

स्मिता बोलीं- चुनाव लड़ने का फैसला मेरा था

मीडिया से बातचीत में स्मिता मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अपने चुनाव की संभावनाओं के बारे में ज्योतिषाचार्य से कुछ नहीं पूछा था। यह उनका अपना फैसला था। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े लोग उनके पास आते हैं और उनके बताए पूजा-पाठ या उपायों को अपनाकर सफलता मिलने की बात कहते हैं।

स्मिता के मुताबिक, उन्होंने MLC चुनाव सत्ता या पद हासिल करने के लिए नहीं लड़ा था। उनका उद्देश्य जनता की सेवा करना और धर्मार्थ कार्य करना था।

चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची पर उठाए सवाल

हार के बाद स्मिता मिश्रा ने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मतदान केंद्रों पर उनके पोलिंग एजेंटों को बैठने नहीं दिया गया और फर्जी मतदान भी हुआ। उनका दावा है कि शिकायतों के बावजूद चुनाव आयोग की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।

स्मिता ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके समर्थकों ने करीब 22 हजार फॉर्म ऑनलाइन भरे थे, लेकिन इन्हें जमा करने के बाद भी मतदाता सूची में नाम शामिल होने को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। ये आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।

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Mahi Rajput

Content Writer (News) – 2.5 Years of Experience- Experienced in writing and editing news articles for digital news portals. - Skilled in writing breaking news, feature stories, and informative web content. - Strong fact-checking, research, and editing skills. - Able to meet daily publishing deadlines and produce high-quality content consistently.Social Media Management – 6 Months of Experience- Managed social media accounts and scheduled content. - Created engaging captions and post copies. - Planned and maintained content calendars. - Monitored audience engagement and responded to queries. - Coordinated with the content team to ensure consistent brand communication.

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