देश की पहली Vande Bharat Freight EMU का 130 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रायल, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स को मिलेगी नई गति

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) के मार्गदर्शन में देश की पहली Vande Bharat Freight Electric Multiple Unit (EMU) का पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद-वडोदरा-मुंबई सेंट्रल सेक्शन पर परीक्षण किया जा रहा है। ट्रायल के दौरान रेक के प्रदर्शन और स्थिरता की जांच 130 किमी/घंटा तक की गति पर की जा रही है।
16 कोच वाली यह अत्याधुनिक फ्रेट EMU चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने वंदे भारत प्लेटफॉर्म पर विकसित की है। इसका उद्देश्य पारंपरिक मालगाड़ियों के अलावा तेज, विश्वसनीय और समयबद्ध पार्सल परिवहन का आधुनिक विकल्प उपलब्ध कराना है।
ई-कॉमर्स से फार्मा तक माल ढुलाई
वंदे भारत फ्रेट EMU का इस्तेमाल मुख्य रूप से ई-कॉमर्स, कूरियर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, कोल्ड-चेन और अन्य संवेदनशील एवं हाई-वैल्यू सामान के परिवहन में किया जा सकता है।
रेलवे के मुताबिक, इस तरह की सेवा से समय-संवेदनशील माल को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
130 किमी/घंटा तक की गति से परीक्षण
रेक को ICD साबरमती से तैयार किया गया और 12 सितंबर 2026 को सुबह करीब 9 बजे अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल के लिए रवाना किया गया। इसके बाद 13 सितंबर को मुंबई सेंट्रल से अहमदाबाद के लिए वापसी परीक्षण किया गया।
ट्रायल के दौरान रेक को 50 प्रतिशत पेलोड और 20.32 टन एक्सल लोड के साथ चलाया जा रहा है। निर्धारित परीक्षण प्रोटोकॉल के तहत सेक्शन में लागू स्थायी और अस्थायी गति प्रतिबंधों का पालन करते हुए दिन के समय रन कराया गया।
इस परीक्षण में RDSO की टीम को अहमदाबाद मंडल के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिग्नल एवं टेलीकॉम विभागों का तकनीकी और परिचालन सहयोग मिला। फिटनेस, क्रू, सुरक्षा और परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाएं पश्चिम रेलवे ने सुनिश्चित कीं।
इससे पहले पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में खाली स्थिति में इस रेक ने करीब 145 किमी/घंटा की गति हासिल की थी। रेक की डिजाइन गति करीब 160 किमी/घंटा है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है फ्रेट EMU
वंदे भारत फ्रेट EMU को तेज और सुरक्षित पार्सल परिवहन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें कई आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं, जैसे—
– पार्सल कोच के साथ प्रशीतित (Reefer) वैन
– तेज लोडिंग-अनलोडिंग के लिए चौड़े स्वचालित दरवाजे
– पैलेट आधारित लोडिंग के लिए रोलर फ्लोर
– CCTV निगरानी और अग्नि संसूचन प्रणाली
– स्वचालित दरवाजा लॉकिंग सिस्टम
– हाई-स्पीड पर स्थिरता और सुरक्षा की उन्नत व्यवस्था
– कवच जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणाली
DFC की मालगाड़ियों का विकल्प नहीं
रेलवे के अनुसार, यह रेक समर्पित माल गलियारे (DFC) पर चलने वाली भारी मालगाड़ियों का विकल्प नहीं है। इसे मुख्य रूप से यात्री मार्गों पर तेज गति से छोटे, हाई-वैल्यू और समय-संवेदनशील माल के परिवहन के लिए विकसित किया गया है।
परीक्षण के बाद होगा व्यावसायिक उपयोग का मूल्यांकन
वंदे भारत फ्रेट EMU के सफल परीक्षण से भारतीय रेलवे के माल परिवहन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। RDSO परीक्षण के दौरान प्राप्त आंकड़ों और परिणामों के आधार पर इस प्लेटफॉर्म के व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं का मूल्यांकन करेगा।
इस सेवा के जरिए रेलवे सड़क परिवहन के मुकाबले तेज, सुरक्षित, विश्वसनीय और समयबद्ध एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स का विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। पश्चिम रेलवे का अहमदाबाद मंडल इस महत्वपूर्ण परीक्षण में आवश्यक तकनीकी, परिचालन और सुरक्षा सहयोग प्रदान कर रहा है।



