टीएमसी में बढ़ी अंदरूनी कलह, अब सांसदों के नए गुट बनने की चर्चा तेज

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ती नजर आ रही है। विधायकों के बागी गुट के बाद अब पार्टी के कुछ लोकसभा सांसदों के भी अलग समूह बनाने की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, एक दर्जन से अधिक सांसद नए गुट के साथ जा सकते हैं और इसका नेतृत्व पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं और सांसदों में लंबे समय से नाराजगी है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ सांसदों के बीच बढ़ती दूरी इस संभावित घटनाक्रम की बड़ी वजह बन रही है।
लोकसभा में टीएमसी के कुल 28 सांसद हैं, जबकि राज्यसभा में पार्टी के 13 सदस्य हैं। हालांकि, राज्यसभा सांसदों के बीच किसी बड़े विभाजन की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है।
इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी टीएमसी के भीतर मतभेद सामने आ चुके हैं। विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक बागी गुट खुद को पार्टी का वास्तविक प्रतिनिधि बता रहा है। बागी गुट का दावा है कि उसे कई विधायकों का समर्थन प्राप्त है और आने वाले समय में यह समर्थन और बढ़ सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है। कई नेताओं ने संगठन की कार्यशैली और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी के रुख को लेकर सवाल उठाए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में टीएमसी की आंतरिक राजनीति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

