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ईरान-इजराइल तनाव फिर बढ़ा: नेतन्याहू की रणनीति, अमेरिकी दबाव और युद्ध के 5 बड़े सवाल

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। सीजफायर के बावजूद ईरान और इजराइल के बीच मिसाइल हमलों ने क्षेत्र में नए संघर्ष की आशंका पैदा कर दी है। इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की रणनीतियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ईरान के साथ परमाणु समझौते और तनाव कम करने की दिशा में प्रयास कर रहा है, जबकि इजराइल ईरान के खिलाफ अधिक सख्त रुख बनाए रखने के पक्ष में दिखाई दे रहा है। इसी वजह से दोनों सहयोगी देशों के दृष्टिकोण में अंतर की चर्चा तेज हो गई है।

विश्लेषकों का मानना है कि इजराइल की चिंता केवल परमाणु कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों की गतिविधियों को भी सुरक्षा के लिए चुनौती मानता है। वहीं अमेरिका फिलहाल परमाणु मुद्दे को प्राथमिकता देकर कूटनीतिक समाधान तलाशने की कोशिश कर रहा है।

दूसरी ओर, ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते को लेकर भी कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। इनमें यूरेनियम संवर्धन, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय शामिल बताए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसका असर केवल ईरान और इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा। Strait of Hormuz और Bab-el-Mandeb Strait जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहेगी।

मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर है, क्योंकि आने वाले दिनों में होने वाले किसी भी कूटनीतिक या सैन्य कदम का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है।

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