प्रज्ञान ओझा पर दोहरी जिम्मेदारी, विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच मतभेद सुलझाने की भी चुनौती; सालाना मिलेंगे 3 करोड़ रुपये

भारतीय क्रिकेट टीम के नए मुख्य चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा को टीम चुनने के साथ-साथ खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के बीच तालमेल बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी मिल सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओझा को विराट कोहली और मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच कथित मतभेदों को सुलझाने की भूमिका भी निभानी पड़ सकती है। हालांकि, इस अतिरिक्त जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच तालमेल पर नजर
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रज्ञान ओझा के विराट कोहली और गौतम गंभीर दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। ऐसे में उनसे दोनों के बीच बेहतर संवाद और तालमेल बनाए रखने में मदद की उम्मीद की जा रही है। भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के बीच आपसी समझ को मजबूत रखना आगामी टूर्नामेंटों को देखते हुए अहम माना जा रहा है।
अजीत अगरकर की जगह संभाली जिम्मेदारी
प्रज्ञान ओझा ने अजीत अगरकर की जगह मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस भूमिका के लिए उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से सालाना करीब 3 करोड़ रुपये वेतन मिलेगा। हालांकि, इस वेतन की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
आगामी बड़े टूर्नामेंटों पर रहेगी नजर
मुख्य चयनकर्ता के तौर पर ओझा के सामने भारतीय टीम के लिए मजबूत खिलाड़ियों का चयन करने की चुनौती होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2027 के वनडे विश्व कप और ओलंपिक से जुड़े क्रिकेट मुकाबलों के अलावा 2028 के टी20 विश्व कप को ध्यान में रखकर टीम तैयार करने पर भी जोर रहेगा।
अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति के कार्यकाल में भारतीय टीम ने तीन आईसीसी खिताब जीते थे। ऐसे में नए मुख्य चयनकर्ता पर टीम के प्रदर्शन को बनाए रखने और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए संतुलित टीम तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।



